By Jai Shankar BihariEdited By: Mukul Kumar
Published: Thu, 07 Dec 2023 08:31 AM (IST)
प्राथमिक मध्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक लाख 22 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। इसको लेकर आज ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग शिक्षा विभाग, पिछड़ा व अतिपिछड़ा कल्याण और एससी-एसटी कल्याण विभाग से चिह्नित एक लाख 22 हजार शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए गुरुवार से परीक्षा आयोजित कर रहा है।
पहले दिन प्रथम पाली में पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और एससी-एसटी कल्याण विभाग के स्कूलों में 31 प्रधानाध्यापक के पदों के लिए परीक्षा होगी। दूसरी पाली में संगीत और कला विषय में शिक्षक पदों के लिए परीक्षा होगी। पटना में प्रथम पाली में तीन और दूसरी में एक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
छह हजार 473 अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे। आठ, नौ, 10, 14 व 15 दिसंबर को एकल पाली में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें शामिल होने के लिए आठ लाख 41 हजार अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया गया है।
ओएमआर शीट से छेड़छाड़ पर मूल्यांकन से होंगे वंचित
अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने बताया कि ओएमआर शीट से किसी तरह की छेड़छाड़ करने पर संबंधित को मूल्यांकन से वंचित कर दिया जाएगा। कदाचार के आरोप में उनके कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछली परीक्षा में कई ऐसे ओएमआर शीट संज्ञान में आया, जिसमें चार विकल्प में एक को रंगने के साथ-साथ अन्य पर डॉट मिले।
ऐसे प्रश्नों का मूल्यांकन में शून्य अंक दिया गया। ओएमआर शीट पर अभ्यर्थी किसी तरह का चिह्न या संकेत नहीं बनाएं। यदि किसी प्रश्न का जवाब स्पष्ट नहीं है तो प्रश्न पत्र पर रर्फ या चिह्न लगा सकते हैंं।
तीन स्तर में प्रश्नों का दें जवाब
पटना साइंस कॉलेज के डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि अभ्यर्थी प्रश्नों को तीन चरणों में बांटकर जवाब दे सकते हैं। शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में निगेटिव मार्किग का प्रविधान नहीं है। इस कारण सभी प्रश्नों का जवाब देना श्रेयस्कर होगा। पहले चरण में उन प्रश्नों को हल करें, जिसका जवाब अच्छी तरह से जानते हैं।
दूसरे चरण में 50-50 चांस वाले को हल करें और तीसरे में जिसके जवाब को लेकर अस्पष्टता की स्थिति है। जवाब देने से पहले ओएमआर शीट और प्रश्न पुस्तिका पर अंकित निर्देश को अनिवार्य रूप से पढ़ें। किसी तरह की दुविधा की स्थिति में वीक्षक से सलाह लें।
हर पल होंगे कैमरे की नजर में
अभ्यर्थी, केंद्राधीक्षक, वीक्षक सहित परीक्षा से संबंधित सभी कर्मी व अधिकारी परीक्षा अवधि के दौरान कैमरे की नजर में रहेंगे। उनपर तीन स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी। सभी की गतिविधि की रिकार्डिंग भी होती रहेगी।
डॉ. अशोक झा का कहना है कि अभ्यर्थी केंद्र में प्रवेश करने के साथ ही कैमरे की नजर में रहेंगे। उनकी कंट्रोल रूम से मानिटरिंग की जाएगी।
ऐसी स्थिति में कदाचार के दायरे में आने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष गतिविधि में शामिल नहीं हों। किसी दुविधा की स्थिति में अभ्यर्थियों से कतई बातचीत या सलाह नहीं लें। सिर्फ वीक्षक को अपनी परेशानी से अवगत कराएं।