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    Bihar Teachers: सरकारी स्कूलों के 15 हजार से अधिक शिक्षकों की कटी सैलरी, करीब 5 हजार पर लटकी कार्रवाई की तलवार

    Updated: Mon, 08 Apr 2024 12:07 AM (IST)

    बिहार के सरकारी स्कूलों में अफसरों द्वारा निरीक्षण में बिना सूचना गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी है। पिछले सात महीनों में 15 हजार 790 शिक्षकों का वेतन कट चुका है। यह अपने आप में एक रिकार्ड है। इसके अलावा 4852 और शिक्षकों पर वेतन कटौती की तलवार लटकी है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला पदाधिकारियों से ऐसे शिक्षकों के बारे में रिपोर्ट मांगी है।

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    15 हजार से अधिक शिक्षकों की कटी सैलरी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में अफसरों द्वारा निरीक्षण में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध सरकार की कार्रवाई जारी है। पिछले सात माह में 15 हजार 790 शिक्षकों का वेतन कट चुका है, जो एक रिकार्ड है।

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    इसके अलावा, 4852 और शिक्षकों पर वेतन कटौती की तलवार लटकी है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से संबंधित शिक्षकों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी शिक्षकों के वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।

    निरीक्षण के आधार पर हो रही कार्रवाई

    शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन शिक्षकों पर वेतन कटौती संबंधी कार्रवाई की जा रही है, उन शिक्षकों को दैनिक विद्यालय निरीक्षण के दौरान कर्त्तव्यहीनता में संलिप्त

    पाया गया है। अधिकांश शिक्षक तो बिना सूचना दिए गैरहाजिर पाए गए हैं। वहीं कुछ शिक्षक विद्यालय में शिक्षण कार्य ठीक से नहीं करते पाए गए हैं। प्रदेश में पिछले साल एक जुलाई से सरकारी स्कूलों का गहन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

    सर्वाधिक दरभंगा में 3396 शिक्षकों का कटा वेतन 

    2024 में शिक्षा विभाग के मानीटरिंग सेल की तीन अप्रैल की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 15,790 शिक्षकों के वेतन में कटौती की गयी है, उनमें अररिया के 575, अरवल के एक, औरंगाबाद के 1061, बांका के 12, बेगूसराय के 471, भागलपुर के 714, बक्सर के 321, दरभंगा के 3396, पूर्वी चंपारण के 410 शिक्षक शामिल हैं।

    इसके अलावा, गया के 379, गोपालगंज के 347, जमुई के 201, जहानाबाद के 31, किशनगंज के 80, कैमूर के 315, कटिहार के 26, लखीसराय के 92, मधुबनी के 679, मुंगेर के पांच, मधेपुरा के 15, नालंदा के 2277, नवादा के 679, पटना के 128 शिक्षक शामिल हैं।

    वहीं, पूर्णिया के 68, रोहतास के 252, सहरसा के तीन, समस्तीपुर के 444, शिवहर के पांच, शेखपुरा के 102 सारण के 1298, सीतामढ़ी के 488, सुपौल के 717, सिवान के 10, वैशाली के 174 एवं पश्चमी चंपारण के 14 शिक्षक शामिल हैं। इसमें दरभंगा जिले में सर्वाधिक शिक्षकों के वेतन कटे हैं।

    वहीं, जिन 4,852 शिक्षकों के वेतन में कटौती की अनुशंसा पर कार्रवाई होनी है, उनमें उनमें अररिया के 232, औरंगाबाद के 15, बेगूसराय के 259, भागलपुर के एक, भोजपुर के 151, बक्सर के 156, पूर्वी चंपारण के 316, गया के 162, गोपालगंज के 204 शिक्षकों के वेतन कटे हैं।

    इसके अलावा, जमुई के 144, जहानाबाद के 327, खगड़िया के 40, कैमूर के 664, लखीसराय के 15, मुजफ्फरपुर के 359, नालंदा के 618, समस्तीपुर के 217, शिवहर के 23, शेखपुरा के 12, सारण के 586, सीतामढ़ी के 307 एवं सुपौल र के 44 शिक्षक शामिल हैं।

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