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    बिहार की 5 पत्थर खदानों के पट्टे निरस्त, अवैध खनन रोकने के लिए बनाई गई उड़नदस्ता टीमें

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:45 PM (IST)

    बिहार में पांच पत्थर खदानों के पट्टे रद्द होने के बाद अवैध खनन की आशंका बढ़ गई है। खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिलों को अतिरिक्त निगरानी और उड़नदस ...और पढ़ें

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    पांच पत्थर खदानों से खनन की समय-सीमा समाप्त। फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में पांच पत्थर खदानों से खनन की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और पट्टे भी निरस्त हो चुके हैं। जिसके बाद इन खदानों से अवैध पत्थर खनन की आशंका बढ़ गई है। जिसे देखते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिलों के खनन अधिकारियों को अतिरिक्त निगरानी का निर्देश जारी किए हैं।

    विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिलों को विशेष निगरानी के निर्देश जारी करने के साथ ही विशेष एहतियात बरतते हुए अलग से उडऩ दस्ता टीमें भी बनाई हैं, जो ऐसे खदानों की नियमित जांच करेगी।

    बता दें कि पांच खदानों के पट्टों की समयसीमा खत्म होने और वहां से खनन बंद होने के बाद फिलहाल केवल तीन खदानों से ही पत्थर खनन हो रहा है। इन तीनों खदानों का रकवा करीब 37.5 एकड़ है।

    बता दें कि गयाजी में एक जबकि शेखपुरा जिले की सात खदानों से पत्थर खनन की स्वीकृति पांच साल के लिए दी गई थी। गयाजी जिले के इकलौते खदान के पट्टे की समयसीमा 15 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई है।

    शेखपुरा जिले के चार में से एक खदान के पट्टे की समयसीमा 26 नवंबर 2025 व तीन अन्य खदानों के पट्टों की अवधि दिसंबर 2025 में अलग-अलग तिथि को समाप्त चुकी है।

    शेष बची तीन खदानों से ही पत्थर खनन हो रहा है। इन तीनों खदानों में से दो के पट्टे की समय-सीमा 13 जून 2026 और एक खदान के पट्टे की समयसीमा 16 अगस्त 2026 को समाप्त होगी।