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    Bihar School Dress: स्कूल की शर्ट, दुपट्टा, जैकेट और पेंट-सलवार का रंग बदला; हर क्लास का कलर अलग

    Updated: Fri, 24 Jan 2025 04:16 PM (IST)

    बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं और नौवीं से 12वीं क ...और पढ़ें

    स्कूल की शर्ट, दुपट्टा, जैकेट और पेंट-सलवार का रंद बदला; हर क्लास का कलर अलग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के ड्रेस का रंग निर्धारित कर दिया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं तथा नौवीं से 12 वीं कक्षा की छात्राओं को स्कूल ड्रेस के लिए राशि दी जाती है।

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    जिलों में यह देखने को मिला है कि विद्यार्थी अलग-अलग रंग के पोशाक में स्कूल आते हैं। इसका कारण है कि पोशाक के रंग निर्धारित नहीं है। इस कारण पोशाक का रंग तय कर दिया गया है।

    कक्षावार ड्रस का रंग क्या होगा?

    • पहली से आठवीं कक्षा की लड़कियों की शमीज-शर्ट आसमानी नीला तथा सलवार-स्कर्ट गहरा नीला रंग का होगा। दुपट्टा-हाफ जैकेट गहरा नीला होगा।
    • इसी प्रकार, पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों की शर्ट आसमानी नीला और पेंट गहरा नीले रंग का होगा।
    • वहीं, नौवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं की शमीज का रंग आसामानी नीला और सलवार गहरा नीला होगा। दुपट्टा-हाफ जैकेट गहरे नीले रंग का होगा।

    अभिभावकों को दी जाएगी जानकारी

    शिक्षा विभाग ने कहा है कि शिक्षक-अभिभावक की अगली बैठक में अभिभावकों को इससे संबंधित जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि विद्यार्थियों को कितनी राशि दी जा रही है और यह किस प्रायोजन के लिए है।

    ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डलेगी स्टूडेंट्स की फोटो

    सभी अभिभावक लिखित-मौखिक घोषणा करेंगे कि जिसके लिए राशि दी जा रही है, उसके लिए ही खर्च किया जाएगा। मार्च में सभी छात्र-छात्राओं की पोशाक की तस्वीर खींच कर ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डालेंगे।

    बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा में 25 परीक्षार्थी पर तैनात होंगे एक वीक्षक

    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित की जाने वाली इंटर एवं मैट्रिक की परीक्षा में प्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक की तैनाती की जाएगी। इंटर की परीक्षा एक फरवरी से प्रारंभ होने वाली है। इंटर की परीक्षा आगामी 15 फरवरी तक आयोजित की जाएगी।

    वहीं, मैट्रिक की परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक राज्य के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा कक्ष में एक बेंच पर केवल दो परीक्षार्थी को बैठने की व्यवस्था की जाएगी। बेंच की कमी होने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा तत्काल व्यवस्था की जाएगी। हर कक्ष में दो वीक्षकों की तैनाती की जाएगी।

    परीक्षार्थियों को जारी करना होगा स्व घोषणा पत्र

    इंटर एवं मैट्रिक में परीक्षा के प्रत्येक पाली में वीक्षकों को जारी करना होगा स्व घोषणा पत्र। स्व घोषणा के माध्यम से वीक्षकों को बताना होगा कि सभी परीक्षार्थियों की जांच कर ली गई है और किसी के पास कोई अनापत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।

    परीक्षा केंद्र के बाहर दर्शाई जाएगी सीट प्लानिंग

    इंटर एवं मैट्रिक की परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन विद्यार्थियों के लिए सीट प्लानिंग दर्शाई जाएगी। इससे परीक्षार्थियों को अपना कक्ष एवं सीट खोजने में सुविधा हाेगी। साथ ही परीक्षा के उपरांत उत्तर पुस्तिका के संग्रह में भी सुविधा होगी। परीक्षा केंद्र पर समुचित जांच के उपरांत ही परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश दिया जाएगा।

    परीक्षा केंद्रों पर कैमरे पर्याप्त संख्या में लगाये जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर नजर रखने के लिए कई स्तर पर व्यवस्था बिहार बोर्ड की ओर से किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर किसी तरह की लापरवाही नहीं हो इसके लिए बिहार बोर्ड की ओर से समुचित व्यवस्था कर ली गई है।

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