यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या बिहार में कफ सिरप की बिक्री पर लगेगी रोक? स्वास्थ्य विभाग सतर्क
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से हुई मौतों के बाद बिहार का स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। सहायक औषधि ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार में कफ़ सिरप की बिक्री पर रोक नहीं |
- स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर रखे |
- विवादित बैच में गड़बड़ी की आशंका |
जागरण संवाददाता, पटना। कफ सिरप से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मृत्यु की खबरों के बाद देशभर में चिंता का माहौल है। हालांकि, बिहार में संबंधित कंपनी की दवा की आपूर्ति नहीं होने से स्वास्थ्य महकमा पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
फिलहाल, राज्य में कफ सिरप की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र कुमार ने बताया कि जिस कफ सिरप को लेकर अन्य राज्यों में घटना हुई है, उसकी दवा बिहार में वितरित नहीं होती।
सरकारी या निजी क्षेत्रों में इसकी बिक्री या उपयोग नहीं किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई निर्देश या प्रतिबंध का पत्र जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल राज्य में कफ सिरप की सामान्य बिक्री जारी है और इसमें किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है।
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के शिशु विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र नारायण ने बताया कि कफ सिरप बच्चों को वर्षों से दिए जा रहे हैं और उनका सुरक्षित उपयोग होता रहा है। जिन कफ सिरप में हाल में समस्या आई है, उनमें संभवतः उस विशेष बैच में गड़बड़ी रही होगी।
इससे दवा सेवन के बाद हादसे हुए होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कफ सिरप का जो कंपोजिशन विवाद में आया है, वही फार्मूला कई अन्य कंपनियों द्वारा भी बनाया जाता रहा है और उनका उपयोग बच्चों के इलाज में लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
