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बिहार में जमीन बंटवारा हुआ आसान, अब एक ही आवेदन से होगा पूरे परिवार की भूमि का दाखिल-खारिज

Published: Sat, 27 Dec 2025 05:48 PM (IST)Updated: Sat, 27 Dec 2025 06:00 PM (IST)

Bihar Land Partition: बिहार में अब दाखिल-खारिज और पारिवारिक बंटवारे के लिए नई प्रणाली लागू हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय ...और पढ़ें

उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की पहल पर लागू हुई नई व्यवस्था। (जागरण)

उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की पहल पर लागू हुई नई व्यवस्था। (जागरण)

HighLights

  1. बिहार में दाखिल-खारिज व पारिवारिक बंटवारे की नई प्रणाली लागू।

  2. बिहार भूमि पोर्टल पर एक ही आवेदन से होगा सभी काम।

  3. मौखिक बंटवारों को डिजिटल रूप से दर्ज कराने की अपील।

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Land Partition And Mutation: शनिवार से राज्य में दाखिल-खारिज और पारिवारिक बंटवारे के लिए नई प्रणाली लागू हो गई है। बिहार भूमि पोर्टल पर एक ही आवेदन से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की जमीन की जमाबंदी कायम होगी, दाखिल-खारिज भी होगा।

उप मुख्यमंंत्री सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बताया कि पहले पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल–खारिज कराना पड़ता था। इससे परेशानी होती थी।

प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कम समय में नई व्यवस्था विकसित की। इसे बिहार भूमि पोर्टल की दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं।

जिनके यहां अब तक मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर मौखिक बंटवारे को अपने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं।

उन्होंने कहा कि मौखिक बंटवारा आगे चलकर पारिवारिक भूमि विवाद का कारण बनता है और ऐसे मामलों में लोग कई सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।

सभी उत्तराधिकारियों की जमाबंदी

सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर अलग-अलग जमाबंदी एक साथ की जा सकेगी।

इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। उनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा एवं उत्तराधिकार नामांतरण के अधिक थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर लिया जाएगा तथा जनवरी से मार्च के बीच पुनः पंचायतों में ही शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

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