बिहार में 'हर घर नल जल' योजना को लेकर सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, नहीं होगी पानी की किल्लत
बिहार में हर घर नल का जल योजना के तहत पीएचईडी द्वारा चलाए जा रहे जीरो ऑफिस डे अभियान से 15 हजार से अधिक जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया गया है। इस अभियान से उन क्षेत्रों तक भी पहुंचा जा रहा है जहां से कोई प्रत्यक्ष फीडबैक नहीं मिलता था। अभियान में बंद योजनाओं को 24 घंटों के भीतर दोबारा चालू करने का निर्देश दिया गया है।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में 'हर घर नल जल' योजना के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) जीरो ऑफिस डे अभियान चला रहा है। इसके तहत 15 हजार 609 जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान 15 हजार 286 योजनाएं क्रियाशील, 213 योजनाएं असंतोषजनक, 274 योजनाएं बंद पाई गईं।
बंद जलापूर्ति योजनाओं में से 128 योजनाओं को दोबारा चालू करवा लिया गया है। असंतोषजनक पाई गई और वर्तमान में बंद कुल 146 योजनाओं को 24 घंटे के अंदर में सुधारने के लिए मुख्यालय ने चेतावनी दी है।
शिकायत मिलने पर होता है समाधान
जलापूर्ति योजनाओं से जुड़े किसी भी माध्यम से शिकायत मिलने पर विभाग निर्धारित समय सीमा में उसका समाधान करता है। इसकी जानकारी एमआईएस पर दर्ज की जाती है। इस अभियान से उन क्षेत्रों तक भी पहुंचा जा रहा है, जहां से कोई प्रत्यक्ष फीडबैक नहीं मिलता था। अभियान में बंद योजनाओं को 24 घंटों के भीतर दोबारा चालू करने का निर्देश दिया है।
नीरज कुमार, पीएचईडी मंत्री
जमीनी स्तर पर जीरो ऑफिस डे अभियान
जीरो ऑफिस डे अभियान में विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय में बैठने के बजाय जमीनी स्तर पर जाकर जलापूर्ति योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करते हैं।
साथ ही लाभुकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी दर्ज करते है। इससे समय की बचत के साथ लाभार्थियों को सुरक्षित पेयजल देना सुनिश्चित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के निरीक्षण अभियान जारी रखे जाएंगे।
मसौढी : बिजली बिल बकाया को लेकर नल जल की काटी गई बिजली
एक ओर जहां लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा बंद योजनाओं को दोबारा चालू कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मसौढी में बिजली बिल बकाया को लेकर नल जल की बिजली काट दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के निर्देश के आलोक में बिजली बिल बकाया रहने की वजह से शुक्रवार को प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में 25 जगह बिजली काट दी गई। इसकी वजह से जलापूर्ति ठप पड़ गई।
जलापूर्ति ठप पड़ जाने से गर्मी में लोगों को पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। कनीय अभियंता रंजीत कुमार ने बताया कि प्रखंड में तकरीबन 30 लाख रुपए से अधिक बिजली बिल बकाया है और इसे लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
इन जगहों की काटी गई बिजली
शुक्रवार को प्रखंड की चपौर पंचायत के 14 वार्ड, निशियामा पंचायत के चार वार्ड, नूरा पंचायत के एक एक वार्ड में लगे हुए जलमिनार की बिजली काट दी गई है।
बताया जाता है कि वितीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में वसूली लक्ष्य को लेकर बिजली कनेक्शन काट दिया गया है और राशि जमा करने पर कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा।
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