आयुष्मान कार्ड पर नीतीश सरकार का बड़ा फैसला; 3 एजेंसियाें को दी जाएगी जिम्मेदारी, क्या आएगा बदलाव
नीतीश सरकार ने आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब तीन निजी एजेंसियां दक्षिण, मध्य और उत्तर बिहार में घर-घर जाकर ...और पढ़ें

प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से बनेगा आयुष्मान कार्ड। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना में पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
अब आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को सौंपी जाएगी। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार तीन निजी एजेंसियों का चयन करेगी, जिन्हें दक्षिण बिहार, मध्य बिहार और उत्तर बिहार के अलग-अलग जिलों का जिम्मा दिया जाएगा।
लोगों के घरों तक जाएगी एजेंसी
स्वास्थ्य सुरक्षा समिति से मिली जानकारी के अनुसार चयनित एजेंसियों की टीम सीधे लोगों के घर-घर जाकर ऐसे पात्र लाभार्थियों की पहचान करेगी।
जिन पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाए हैं उनकी पहचान करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से बड़ी संख्या में छूटे हुए पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
कार्ड बनाने केंद्रों पर नहीं आ रहे लोग
स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के के अनुसार बिहार में पात्र लाभार्थियों की संख्या नौ करोड़ के करीब है। इनमें से अब तक 4.13 करोड़ रुपये से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए जा चुके हैं।
यदि किसी परिवार में पांच व्यक्ति हैं तो दो के कार्ड बन चुके हैं परंतु तीन सदस्यों ने कार्ड नहीं बनवाए। ऐसे पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कार्ड देने और बनाने के लिए एजेंसी की व्यवस्था बनाई जा रही है ताकि लोगों को उनके घर या फिर गांव में शिविर लगाकर कार्ड बनाने की सहूलियत दी जा सके।
निजी एजेंसियों की तैनाती से जमीनी स्तर पर काम तेज होगा और लक्षित आबादी तक सीधे पहुंच बनाई जा सकेगी। एजेंसियों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा समिति स्तर पर व्यवस्था की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। सरकार का लक्ष्य है कि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड तैयार कर उन्हें पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा से जोड़ा जाए।
शशांक शेखर सिन्हा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, स्वास्थ्य सुरक्षा समिति

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