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    2026 की दस्तक के साथ बदलेगा दफ्तरों का चेहरा! एआई के बढ़ते दखल से छह विभागों में हड़कंप, नौकरियों पर मंडराया संकट

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 11:21 AM (IST)

    2026 से बिहार के सरकारी दफ्तरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का व्यापक उपयोग शुरू होगा, जिससे कामकाज में बड़ा बदलाव आएगा। छह प्रमुख विभागों में एआ ...और पढ़ें

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    एआई के बढ़ते दखल से छह विभागों में हड़कंप, नौकरियों पर मंडराया संकट

    डिजिटल डेस्क, पटना। नव वर्ष 2026 सिर्फ कैलेंडर बदलने का संकेत नहीं है, बल्कि यह सरकारी कामकाज की दुनिया में बड़े बदलाव की आहट भी लेकर आया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब प्रयोग या भविष्य की कल्पना नहीं रहा, बल्कि तेजी से सिस्टम का हिस्सा बनता जा रहा है। इसका सीधा असर सरकारी दफ्तरों, कर्मचारियों और कार्यशैली पर पड़ने वाला है। संकेत साफ हैं, तकनीक आएगी, काम बदलेगा और कई परंपरागत भूमिकाएं खत्म होने के कगार पर पहुंचेंगी।

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    सूत्रों के मुताबिक, 2026 में राज्य के कम से कम छह बड़े विभागों में एआई आधारित सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी है।

    फाइलों का निपटारा, डाटा विश्लेषण, रिपोर्ट तैयार करना, रिकॉर्ड मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग जैसे काम अब मशीनें तेजी और सटीकता के साथ करने लगेंगी।

    इससे जहां कामकाज की रफ्तार बढ़ेगी, वहीं हजारों कर्मचारियों के सामने अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति भी खड़ी हो सकती है।

    अब तक जिन कार्यों के लिए बड़ी संख्या में बाबू, क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर तैनात रहते थे, वही काम एआई कुछ सेकंड में कर सकेगा।

    यही वजह है कि इसे लेकर कर्मचारियों के बीच चिंता और बेचैनी बढ़ रही है। कई विभागों में चर्चा है कि आने वाले समय में नई भर्तियों पर ब्रेक लग सकता है और मौजूदा पदों का स्वरूप भी बदला जा सकता है।

    हालांकि, सरकार और तकनीक के जानकार इसे पूरी तरह नकारात्मक बदलाव नहीं मानते। उनका कहना है कि एआई से पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जनता से जुड़े काम समय पर पूरे होंगे।

    साथ ही यह भी तर्क दिया जा रहा है कि कर्मचारियों को नई तकनीक के अनुसार प्रशिक्षित कर उनकी भूमिका बदली जाएगी, ताकि वे उच्च स्तरीय और विश्लेषणात्मक कार्यों में योगदान दे सकें।

    लेकिन जमीनी सच्चाई यह भी है कि हर कर्मचारी के लिए तकनीक के साथ तालमेल बैठाना आसान नहीं होगा। खासकर वे कर्मचारी जो वर्षों से एक ही तरह के काम के आदी रहे हैं, उनके लिए यह बदलाव चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

    ऐसे में सवाल उठता है कि क्या 2026 नौकरियों के लिए संकट का साल बनेगा या फिर यह नए अवसरों का दरवाजा खोलेगा?

    फिलहाल इतना तय है कि एआई के आगमन से सरकारी दफ्तरों की तस्वीर बदलने वाली है। 2026 एक ऐसे मोड़ के रूप में सामने खड़ा है, जहां तकनीक और रोजगार आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

    अब यह नीति निर्माताओं पर निर्भर करेगा कि इस बदलाव को संतुलित और मानवीय तरीके से कैसे लागू किया जाता है, ताकि प्रगति के साथ-साथ भरोसा भी बना रहे।

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