'बापू की दोबारा हत्या की गई', मनरेगा का नाम बदलने पर आनंद माधव का बड़ा बयान
बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव ने मनरेगा का नाम बदलने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' न ...और पढ़ें

आनंद माधव। (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता व रिसर्च विभाग के चेयरमैन आनंद माधव ने मनरेगा का नाम बदलने का विरोध किया है।
उन्होंने रविवार को बयान जारी कर कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नया नाम विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन हो गया। इसमें सिर्फ महात्मा गांधी जी का नाम ही नहीं हटाया गया वरन, उनकी हत्या दोबारा की गई है।
मनरेगा देश के मजदूरों की आत्मा थी। नए कानून के अंदर काम के दिन 100 दिन से बढ़ा कर 125 दिन कर दिया गया है, लेकिन यह मात्र दिखावा है क्योंकि पहले जहां मनरेगा में केंद्र सरकार 100 प्रतिशत गारंटी देती थी लेकिन अब यह घट कर मात्र 60 प्रतिशत रह गई है। शेष 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी।
माधव ने कहा कि मनरेगा मांग-आधारित योजना थी, जिसने हर साल पांच-छह करोड़ ग्रामीण परिवारों को संकट के समय सुरक्षा कवच प्रदान किया। रोजगार का अधिकार अब नहीं रहा, बल्कि यह सरकार की मर्जी पर निर्भर होगा।
कांग्रेस करेगी आंदोलन
कांग्रेस ने एलान किया है कि काम के अधिकार की रक्षा और मनरेगा को कमजोर किए जाने के खिलाफ पार्टी 10 जनवरी से 25 फरवरी तक मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। अभियान केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित मनरेगा श्रमिकों की आवाज को सड़क से संसद तक पहुंचाने का प्रयास है।
पार्टी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अभियान की शुरुआत आठ जनवरी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) स्तर की तैयारी बैठकों से होगी। जिसमें आंदोलन की रूपरेखा, जिम्मेदारियां और रणनीति तय की जाएंगी। 10 जनवरी को सभी जिलों में जिला-स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

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