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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेड लाइट एरिया की महिलाओं के आएंगे अच्छे दिन...एकदम झक्कास वाला, मुजफ्फरपुर डीएम ने साफ-साफ कह दिया

By Ajit KumarEdited By:
Published: Fri, 09 Sep 2022 11:52 AM (IST)

Bihar Red Light Area मुजफ्फरपुर डीएम की उपस्थिति में बाल संरक्षण इकाई की ओर से एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन ...और पढ़ें

पुलिस द्वारा परेशान किए जाने का मामला उठाया गया। फाइल फोटो
पुलिस द्वारा परेशान किए जाने का मामला उठाया गया। फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। शहर स्थित रेडलाइट एरिया में रहने वाली महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं। उन्हें कई जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इतना ही नहीं, उनके बच्चों की स्कूल की पढ़ाई में अड़चने हैं। पहचान पत्र की समस्या भी है। पुलिस परेशान करती है। अब ये तमाम तरह की परेशानियां जल्द ही दूर हो जाएंगी। उन्हें सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। समाज में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होगा। उनके बच्चों के लिए पिता का नाम देना जरूरी नहीं होगा। मतलब इन महिलाओं के अच्छे दिन आने वाले हैं। ये भरोसा दिलाया है मुजफ्फरपुर के डीएम ने। मौका था बाल संरक्षण इकाई की ओर से आबेदा हाइस्कूल परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम का। 

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रोजगार के लिए दिया जाएगा प्रशिक्षण

इस संवाद कार्यक्रम के दौरान डीएम प्रणव कुमार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से यौनकर्मियों के लिए विशेष पहल की गई है। उनके गरिमापूर्ण जीवन के लिए जिला प्रशासन की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उनको प्राथमिकता के आधार पर देने की कोशिश कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि इन लोगों को समाज की मुख्यधार से जोड़ने तथा दक्ष बनाने के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण एवं रोजगार मुहैया कराकर कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत भाषा ज्ञान, कंप्यूटर ज्ञान के साथ-साथ व्यवहार कुशलता का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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 यौनकर्मियों को जारी किए जाएं लाइसेंस

इतना ही नहीं यौनकर्मियों के बच्चों को पढ़ने में किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश दे दिया गया है कि वे बच्चों के नामांकन के समय पिता के नाम के अनिवार्यता को समाप्त कर दें। राशन कार्ड, आधार कार्ड, पेंशन समेत सभी सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं में भी इनको प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान नर्तकियों ने पुलिस से कई सवाल किए। परेशान करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने इस काम के लिए लाइसेंस देने की भी मांग की।  

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