Railway News: रेलवे ने यात्रियों को दी खुशखबरी, इस हॉल्ट पर बनेगा ऊंचाई वाला प्लेटफॉर्म, बढ़ेंगी सुविधाएं
भागलपुर-किऊल के बीच स्थित रेलवे हॉल्ट का कायाकल्प शुरू हो गया है। अब हॉल्ट पर भी स्टेशनों की तरह अप और डाउन दिशा में ऊंचे प्लेटफॉर्म होंगे। अब यात्रियों को ट्रेन पर सवार होने और उतरने में काफी सहूलियत होगी। मालदा रेल मंडल की पीआरए रूपा मंडल ने बताया कि मंडल के प्रमुख हॉल्ट पर ऊंचाई बढ़ाने का काम चल रहा है।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। मालदा रेल मंडल के भागलपुर-किऊल के बीच स्थित रेलवे हॉल्ट का भी कायाकल्प शुरू हो गया है। हॉल्ट पर भी स्टेशनों की तरह अप और डाउन दिशा में ऊंचे प्लेटफॉर्म होंगे। इससे ट्रेन से सफर करने वालों को काफी सहूलियत होगी।
ट्रेन पर सवार होने या उतरने के क्रम में हादसे की संभावना कम होगी। इसके लिए मालदा रेल मंडल ने कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में घोघी बरियारपुर और खड़िया पिपरा रेलवे हॉल्ट पर प्लेटफॉर्म बनाने और ऊंचा करने का काम तेजी से चल रहा है।
यहां यात्री सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म पर शेड भी लगाए जाएंगे। मालदा रेल मंडल इसके बाद अन्य दूसरे हाल्ट ऋषिकुंड सहित अन्य पर भी सुविधाएं बढ़ाएगी।
मालदा रेल मंडल की पीआरए रूपा मंडल ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए मंडल के प्रमुख हॉल्ट पर ऊंचाई बढ़ाने का काम चल रहा है।
यात्री यातायात में वृद्धि और सुरक्षित तथा अधिक कुशल हॉल्ट संचालन की आवश्यकता के मद्देनजर इन दोनों हॉल्ट पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है। दोनों हॉल्ट पर यह काम तेजी से चल रहा है।
इसका उद्देश्य प्लेटफार्म को मानक ऊंचाई तक उठाना है, ताकि यात्री सहज और सुरक्षित तरीके से ट्रेन की कोच में सवार हो सके और कोच से उतर सके।
13 वर्षों में गई 363 लोगों की गई जान
भागलपुर-जमालपुर-किऊल रेल खंड पर वर्ष 2013 से लेकर 2025 के 15 फरवरी तक 363 लोगों की जान गई है। यह आंकड़ा काफी भयावह है। इसमें से ज्यादातर लोगों की मृत्यु ट्रेन चढ़ने या उतरने के क्रम में हुई है।
गेट के पायदान पर सफर करने में भी लोग अकारण काल के गाल में समाए हैं। औसतन एक वर्ष में 27 लोगों की जिंदगियां ट्रेन की चपेट में आने से गई हैं।
हाल ही में ऋषिकुंड हाल्ट पर जमालपुर-देवघर सवारी गाड़ी पर चढ़ने के दौरान हावड़ा-गया एक्सप्रेस की चपेट में आने से मां-बेटे सहित तीन की मौत हुई है। अब रेलवे ऐसे हॉल्ट पर यात्री सुविधा बढ़ाने की दिशा में पहल कर रहा है।
किऊल-जमालपुर-रेलखंड पर हुए हादसे
- 2013 में 38 की मृत्यु हुई
- 2014 में 40 की जान गई
- 2015 में 31 की मृत्यु हुई
- 2016 में 21 ने जान गंवाई
- 2017 में 24 लोगों की मृत्यु
- 2018 में 25 लोगों की मृत्यु
- 2019 में 26 की मृत्यु हुई
- 2020 में 15 की मृत्यु हुई
- 2021 में 32 की मृत्यु हुई
- 2022 में 24 की जान गई
- 2023 में 44 की मृत्यु हुई
- 2024 में 38 की जान गई
- 2025 में 15 फरवरी तक पांच की जान गई
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