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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किशनगंज में चल रही थी भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की साजिश, PFI के पूर्व अध्यक्ष ने खोले अहम राज

Published: Wed, 24 Sep 2025 07:54 AM (IST)

किशनगंज में पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नदवी की गिरफ्तारी हुई। वह छह महीने से शिक्षक बनकर सीमांचल में संगठन ...और पढ़ें

निजी स्कूल में शिक्षक बनकर रह रहा था नदवी। फाइल फोटो
निजी स्कूल में शिक्षक बनकर रह रहा था नदवी। फाइल फोटो

HighLights

  1. पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार |
  2. सीमांचल में संगठन विस्तार का खुलासा |
  3. संदिग्ध नियुक्ति पर सवाल |

संवाद सहयोगी, किशनगंज। किशनगंज में गिरफ्तार पीएफआइ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नदवी किशनगंज में डेरा डालकर सीमांचल में प्रतिबंधित संगठन का विस्तार कर रहा था। छह माह से नदवी एक निजी स्कूल में शिक्षक बनकर अपने संगठन को मजबूत करने में लगा था।

इस दौरान कई लोगों को संगठन से जोड़कर उन्हें देश को आने वाले समय में मुस्लिम राष्ट्र बनाने के लिए सहयोग देने के लिए प्रेरित कर रहा था।

किशनगंज में 11 सिंतबर को इसकी गिरफ्तारी बिहार पुलिस ने की थी। जिसे बाद में एनआइए को सौंप दिया गया था। तीन दिनों के पूछताछ के बाद एनआइए की टीम उसे पटना ले गयी।

जिसके बाद न्यायालय के आदेश से आठ दिनों का रिमांड एनआइए टीम को मिला था। रिमांड के दौरान रविवार को नदवी के साथ एनआइए की टीम किशनगंज पहुंची थी। इस दौरान पांच जगहों पर नदवी के साथ टीम गई और कुछ लोगों से पूछताछ भी की।

सूत्र बताते हैं कि एनआइए के पास नदवी ने कई राज खोले हैं। जिसमें सीमांचल में संगठन का विस्तार, बिहार में मजबूती से संगठन का गठन था, जबकि संगठन की मजबूती के बाद आगे की रणनीति बनाने वाला था।

एनआइए के गिरफ्त में आए प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष नदवी छह माह से किशनगंज के विभिन्न ठिकाने पर लोगों से संपर्क स्थापित कर रहा थ। सीमांचल के पूर्णिया, कटिहार अररिया जैसे जगह पर भी दौरा भी कर चुका था।

युवाओं को गुमराह कर कई किताबें देकर उसे संगठन में जुड़ने की बात भी कहता था। हलीम चौक स्थित फातिमा गर्ल्स स्कूल में बिना दस्तावेज व बिना किसी पहचान के डेमो क्लास के आधार पर उसकी शिक्षक के रूप में नियुक्ति भी सवालों के घेरे में हैं।

हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी इस दिशा में कोई कार्रवाई की पहल नहीं कर रहे हैं। आखिर उसकी नियुक्ति का क्या नियम है और इसका पालन नहीं कर पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को कैसे बहाल कर लिया गया।

ज्ञात हो कि पटना के फूलवारीशरीफ मामले में दर्ज राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल रह चुके पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी को लेकर एनआइए किशनगंज में कुछ अन्य लोगों को भी जद में ले सकती है।

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