किशनगंज में PFI कनेक्शन की NIA जांच तेज, तीसरे दिन भी पूछताछ जारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) किशनगंज में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े मामलों की जांच तेज कर रही है। तीसरे दिन भी कटिहार और कि ...और पढ़ें

किशनगंज थाने में की जा रही पूछताछ। (जागरण)
जागरण संवाददाता, किशनगंज। प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) के कनेक्शन को लेकर रविवार को तीसरे दिन भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कई लोगोंं से पूछताछ की।
जिसमें कटिहार व किशनगंज जिले के लोग शामिल हैं। संभावना है कि सीमांचल के अन्य जिलों के लोगों को भी बुलाया जाएगा। यह पूछताछ गत वर्ष सितंबर माह में फुलवारीशरीफ मामले को लेकर किशनगंज से पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
एनआईए की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को किशनगंज पहुंची थी। पहले दिन किशनगंज के महफिल आलम व आफताब से लंबी पूछताछ की थी। दूसरे दिन शनिवार को किशनगंज के छह लोगों पूछताछ की। जबकि रविवार को किशनगंज के अलावा कटिहार के गुलजार समेत लोगों को सदर थाना बुलाकर सवाल-जवाब किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार नदवी के मोबाइल फोन में मिले रिकॉर्ड व उससे पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर करीब चार माह बाद एनआईए की टीम यहां आकर पीएफआई से जुड़े लोगों के साथ उनकी सक्रियता को लेकर सवाल कर रही है।
उनलोगों को बुलाकर यह पूछा जा रहा है कि नदवी से उनके किस तरह के संबंध थे। उसके द्वारा क्या योजना बनाई जा रही थी। हालांकि, इस मामले में फिलहाल एनआईए टीम कुछ भी कहने से बच रही है।
फुलवारीशरीफ मॉड्यूल मामले में हो रही है कार्रवाई
जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में फुलवारीशरीफ में एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। जिसकी पहले जांच बिहार पुलिस कर रही थी। बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी जांच करने लगी। जांच के बाद मामले में 19 लोगों की गिरफ्तारी की गई थी।
जिसमें यह जानकारी मिली थी कि पीएफआई के सदस्य आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाने, युवाओं को हथियार का प्रशिक्षण देने और इंडिया 2047 पुस्तक के जरिये भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे थे। इस मॉड्यूल के खुलासे के बाद पीएफआई का पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी पहले तो विदेश भाग गया।
जिसके बाद किशनगंज में आकर एक निजी स्कूल में शिक्षक बनकर रहने लगा। एनआईए की टीम ने सितंबर 2025 में उसे किशनगंज से गिरफ्तार किया था। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।
संगठन पर हिंसक गतिविधि, युवाओं में कट्टपंथी और विदेशी फंडिंग के जरिये देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है। किशनगंज भारत-नेपाल व बांग्लादेश सीमा से सटा हुआ है। जिस कारण एनआइए प्रतिबंधित होने के बाद भी इस संगठन के कार्यकलाप को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश में जुटी है।

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