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    Jamui News: ''गुरुजी'' ने डीईओ के पकड़े पैर, फिर वेतन देने की लगाने लगे गुहार, लगाए कई गंभीर आरोप

    Updated: Fri, 15 Mar 2024 02:22 PM (IST)

    Jamui News Today जमुई से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गुरुजी डीईओ के पैर पकड़ते नजर आए थे। बताया जा रहा है कि शिक्षक ने कार्यालय से ...और पढ़ें

    जमुई में शिक्षक ने पकड़े डीईओ के पैर (जागरण)

    संवाद सहयोगी, जमुई। Jamui News: आत्मदाह करने की सूचना देकर सनसनी मचाने वाले प्रभारी प्रधानाध्यापक कुमार शिवेश गुरुवार को मुख्यालय स्थित शिक्षा भवन पहुंचे। यहां आत्मदाह की कोशिश तो नहीं की, लेकिन कार्यालय से बाहर निकल अपने वाहन की ओर जा रहे जिला शिक्षा पदाधिकारी कपिलदेव तिवारी का पैर पकड़कर वेतन भुगतान करवाने की गुहार लगाई। साथ ही कई आरोप लगाए।

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    डीईओ ने उनसे पूछे गए स्पष्टीकरण का जवाब देने और आरोपों की जांच करने की बात कही। इसके पहले झाझा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय करमा के प्रभारी ने शिक्षा विभाग के एक कर्मी पर संगीन आरोप लगाए। बताया कि भ्रष्टाचार के खेल में शामिल नहीं होने की उन्हें सजा मिल रही है। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने एक कर्मी पर आरोप लगाया कि उक्त कर्मी द्वारा मध्याह्न भोजन के चावल में घपला किया जाता है।

    अगर 50 बोरा आवंटन है तो चालीस बोरा दिया जाता है। बोरे में पचास किलो चावल के बजाए चालीस किलो चावल ही रहता है। उक्त कर्मी द्वारा पीएफएमएस, एमडीएम खाता का यूजर आईडी और पासवर्ड रख लिया गया है। पैसे की निकासी कर ली जाती है और 18 से 20 फीसद की राशि काटकर प्रधानाध्यापकों को दिया जाता है। जिसका मैंने विरोध किया। बताया कि मेरे विद्यालय के राशन आपूर्तिकर्ता का बकाया दो लाख है। इनके द्वारा एमडीएम का पैसा रोका गया।

    जब मैंने एमडीएम डीपीओ से पैसे की मांग की तो उनके द्वारा पैसा तो नहीं ही दिया गया बल्कि बिना किसी पत्र के मेरा वेतन बंद कर दिया गया। अब जब मैंने वेतन भुगतान की गुहार इंटरनेट मीडिया पर लगाई तो बुधवार रात मेरे पास अचानक स्पष्टीकरण की चिट्ठी पहुंच गई।

    कहा कि मेरी मां का हार्ट अटैक आया है। डाक्टर बाहर ले जाने कह रहे लेकिन मेरे पास पैसा नहीं है। उधार मांगकर पूरे परिवार का गुजारा हो रहा है। वो मानसिक रूप से परेशान है। स्कूल प्रभारी और शिक्षा विभाग का यह प्रकरण कई सवालों को जन्म दे रहा है। साथ ही उच्चस्तरीय गहन जांच की आवश्यकता पर भी बल दे रहा है।

     स्कूल निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रभारी कुमार शिवेश कई बार अनुपस्थित पाए गए। स्कूल में मध्याह्न भोजन बंद पाया गया। इनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है। स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के उपरांत अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभारी द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी।

    कपिलदेव तिवारी

    जिला शिक्षा पदाधिकारी, जमुई।

    कार्रवाई का निर्देश जनवरी में, इंतजार अबतक

     झाझा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय करमा के प्रभारी के विवाद की गुत्थी पूरी तरह उलझी है। स्कूल निरीक्षण में लगातार अनुपस्थित व अनियमितता पाए जाने के बाद कार्रवाई की अनुशंसा पर जिला पदाधिकारी ने 13 जनवरी को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराते हुए दोषी के विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। यह दीगर बात है कि डीएम के निर्देश के दो माह बाद भी कार्रवाई का अबतक इंतजार है।

    आखिर यह इंतजार क्यों, इस इंतजार का क्या मतलब समझे। ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं। बहरहाल, 13 मार्च को डीपीएम स्थापना ने प्रभारी से स्पष्टीकरण पूछा है। अपने पत्र में बताया है कि पिछले साल 26 सितंबर को उनके निरीक्षण के दौरान प्रभारी के अनुपस्थित और स्कूल में अनियमितता पाए जाने के बाद कारण पृच्छा की गई थी। जिसका स्कूल प्रभारी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद पिछले साल 30 अक्टूबर को स्मार एक और 30 नवंबर को स्मार दो किया गया किंतु स्कूल प्रभारी द्वारा जवाब नहीं दिया गया।

    इस साल 12 जनवरी को झाझा बीईओ और बीडीओ के निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में विद्यालय से अनुपस्थित रहने, विद्यालय संचालन में अनियमितता बरतने समेत अन्य आरोप लगाए गए। इसके बाद 12 जनवरी को पीएम पोषण योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने निलंबन और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई। पुन: 29 फरवरी को शिक्षा विभाग के जिला परियोजना प्रबंधक के निरीक्षण में जनवरी और फरवरी माह से लगातार बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए।

    साथ ही विद्यालय संचालन में अनियमितता और छात्रों की उपस्थित संतोषजनक नहीं पाई गई। अब पदाधिकारी के पत्र में अनियमितता पाए जाने के बिंदुवार विवेचना को लेकर जानकार आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही सवाल उठा रहे कि इतनी बार अनियमितता पाए जाने के बाद भी कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सिर्फ वेतन बंद की कार्रवाई से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के पोषण को सुधारा जा सकता है।

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