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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नीतीश सरकार के नए प्लान से मालामाल हो जाएंगे बिहार के किसान! कृषि विभाग ने कर दिया बड़ा एलान

Published: Sat, 22 Feb 2025 03:39 PM (IST)

गोपालगंज जिले में गरमा फसल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। किसानों ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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HighLights

  1. 12,400 हेक्टेयर में गरमा मूंग की खेती
  2. 3200 हेक्टेयर में गरमा मक्का की खेती का लक्ष्य
  3. 75 हेक्टेयर में किसान करेंगे गरमा तिल की खेती

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। रबी अभियान के तहत फसल की कटनी का कार्य पूर्ण होने के बाद जिले में गरमा मूंग, गरमा तिल, गरमा मक्का व सूर्यमुखी की खेती की जाएगी।

कृषि विभाग रबी की समाप्ति व खरीफ की खेती प्रारंभ होने के बीच की अवधि में गरमा फसल की बोआई की तैयारियों में अभी से लग गया है। इसके लिए सभी प्रखंडों के लिए बकायदा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लक्ष्य के अनुरूप सभी प्रखंडों में गरमा मूंग, तिल, मक्का व सूर्यमुखी की खेती की जाएगी। गरमा फसल की खेती को लेकर किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कम अवधि की खेती में किसान अधिक से अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकें। किसानों को बीज की खरीद पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल जिले में 12,400 हेक्टेयर में गरमा मूंग, 75 हेक्टेयर में गरमा तिल, 3200 हेक्टेयर में गरमा मक्का तथा 280 हेक्टेयर में सूर्यमुखी की खेती की जाएगी।

किसानों को इन फसल की खेती से होने वाले लाभ की जानकारी के लिए किसान सलाहकार गांवों में जाकर किसानों को विस्तृत जानकारी देंगे।

वर्ष 2024 में किसानों ने दिखाया था उत्साह

रमा मूंग, तिल, मक्का तथा सूर्यमुखी की खेती के प्रति वर्ष 2024 में किसानों को उत्साह दिखाया था। यही कारण रहा कि पिछले वर्ष जिले में व्यापक पैमाले पर गरमा मूंग व मक्का की खेती की गई थी।

किसानों के उत्साह को देखते हुए इस साल इसके रकबा को बढ़ा दिया गया है। साथ ही गरमा तिल की खेती के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे बीज

गरमा मूंग, मक्का, सूर्यमुखी तथा तिल की खेती के लिए कृषि विभाग किसानों को अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराएगा।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 12,400 हेक्टेयर में गरमा मूंग की खेती के लिए 2550 क्विंटल बीज की दरकार होगी।

बीज की आवंटन मिलते ही किसानों के बीच गरमा मूंग के बीज का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा गरमा तिल, मक्का तथा सूर्यमुखी के बीज पर भी किसानों को अनुदान दिया जाएगा।

तीन महीने में तैयार होगी फसल

  • गरमा मूंग, तिल, मक्का व सूर्यमुखी की फसल को तैयार होने में मात्र तीन माह का वक्त लगता है। कृषि विभाग ने बताया कि अप्रैल से जून माह की अवधि गरमा फसल के लिए सबसे उपयुक्त होती है।
  • इस बीच किसानों के खेत रबी व खरीफ की खेती के बीच की अवधि में खाली रहते हैं। इसी खाली अवधि में गरमा मूंग, गरमा मक्का, गरमा तिल व गरमा सूर्यमुखी की खेती किसानों के लिए फायदेमंद होती है।

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