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    Child Marriage Case: अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने की पहल, चलाया गया जागरूकता अभियान

    Updated: Mon, 28 Apr 2025 03:21 PM (IST)

    रक्सौल में अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सशस्त्र सीमा बल और प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। धर्मगुरुओं और स्कूली छात्राओं का सहयोग मिल रहा है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए।

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    बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन (सांकेतिक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, रक्सौल। शहर के कस्तूरबा बालिका उच्च विद्यालय परिसर में आगामी अक्षय तृतीया पर आयोजित होने वाले बाल विवाह के रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सशस्त्र सीमा बल 47वीं वाहिनी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम के इंस्पेक्टर विकास कुमार ने की।

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    बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में दी गई जानकारी

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यरत प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर (Juvenile Aid Center) की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए धर्मगुरुओं व स्कूली छात्राओं से मिला रहा सहयोग व समर्थन अभिभूत करने वाला है। आगामी अक्षय तृतीया जिले में एक भी बाल विवाह नहीं होगा।

    जागरूकता अभियान को मिली व्यापक सफलता

    बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) पूर्वी चंपारण में सहयोगी प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की ओर से अक्षय तृतीया और शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है।

    सभी धर्मगुरुओं ने इसकी सराहना करते हुए समर्थन का हाथ बढ़ाया है। अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की कमी है। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं है कि यह बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है।

    बाल विवाह कराने पर सजा का प्रावधान

    इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा। जिन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है।

    इन नंबरों पर दे सकते हैं सूचना

    लोगों को बताया गया कि प्रयास जैक सोसाइटी हेल्प लाइफ नंबर –9289692023, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 तथा 112 पर कॉल के माध्यम से बाल विवाह होने की सूचना दे सकते हैं ।

    मौके पर एसएसबी 47एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (Anti Human Trafficking Unit) से प्रदीप काजी, अरविंद द्विवेदी, प्रयास जुवेनाइल के सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, विजय शर्मा, अभिषेक कुमार, उमेश कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाध्यापक अजय कुमार, शिक्षक महंत बैठा, हेमंत कुमार, पवन किशोर कुशवाहा , म. सलीम एवं स्कूली छात्राएं उपस्थित रहीं।

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