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    East Champaran: बच्ची से दुष्कर्म के मामले में कोचिंग टीचर को 20 साल की सजा, कोर्ट ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया

    Updated: Tue, 09 Jul 2024 07:10 PM (IST)

    East Champaran Crime पूर्वी चंपारण जिले में एक कोर्ट ने बच्‍ची से दुष्‍कर्म के दोषी कोचिंग टीचर को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी शिक्षक को अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने 17 सितंबर 2019 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप गठन किया था।

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    दुष्‍कर्म के मामले में दोषी पाए गए शिक्षक को अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई है।

    संवाद सहयोगी, मोतिहारी। सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने एक बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में दोषी पाते हुए एक निजी शिक्षक को बीस वर्षों का सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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    अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा डुमरियाघाट थाना के नवीन गांधी नगर निवासी नागेंद्र पासवान के पुत्र प्रेम कुमार पासवान उर्फ रंजन पासवान को हुई।

    खून से भीगे हुए थे बच्‍ची के कपड़े

    मामले में पीड़िता के पिता ने डुमरियाघाट थाना कांड संख्या 164/2018 दर्ज कराया था, जिसमें कहा था कि 29 सितंबर 2018 की संध्या चार बजे प्रत्येक दिन की भांति वह नामजद अभियुक्त के यहां पढ़ने को कोचिंग गई थी।वह शाम को रोती बिलखती घर आई तो उसके कपड़े खून से भीगे हुए थे।

    पूछताछ करने पर बच्‍ची ने बताया कि उसके कोचिंग के शिक्षक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और जान मारने का प्रयास किया। वह जान बचाकर किसी तरह वहां से भाग कर आई।

    पुलिस ने अभियुक्त के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित कर दिया। न्यायालय ने 17 सितंबर 2019 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप गठन किया था। पॉक्सो वाद संख्या 07/2020 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक कुमार शिवशंकर सिंह ने ग्यारह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा।

    वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र सिंह एवं श्रीमती कृष्णा सिंह ने अपनी दलीलें रखी थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद धारा 376 भादवि एवं 4 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।

    विक्टिम कंपनसेशन एक्ट के तहत पीड़िता को मिलेंगे तीन लाख रुपये

    न्यायाधीश ने उपरोक्त कांड में पीड़िता को पीड़ित घोषित करते हुए बिहार विक्टिम कंपनसेशन स्कीम 2014 के तहत न्यूनतम तीन लाख रुपये अंतरिम मुआवजा राशि पीड़िता को देने का निर्देश देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव को पत्र भेजा है।

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