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    Bihar Train Accident: 24 घंटे बाद भी परिचालन शुरू नहीं, 53 करोड़ से अधिक का नुकसान; मरम्मत कार्य जारी

    Bihar Train Accident रेलवे ने परिचालन पुनर्बहाल करने के लिए यहां रेल क्रेन रोड क्रेन के साथ ही कई अर्थमूवर और पोकलेन मशीनों के जरिए काम शुरू किया है। गैस कटर के जरिए कोचों को काटकर हटाया जा रहा है। इधर घटना के तुरंत बाद लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराई गई थी जो निगेटिव पाई गई।

    By Shubh Narayan PathakEdited By: Rajat MouryaUpdated: Thu, 12 Oct 2023 09:31 PM (IST)
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    24 घंटे बाद भी परिचालन शुरू नहीं, 53 करोड़ से अधिक का नुकसान; मरम्मत कार्य जारी

    जागरण टीम, बक्सर/ब्रह्मपुर। Bihar Train Accident दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-दानापुर रेलखंड के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के 24 घंटे बाद भी इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप है। रेलवे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता पहले अप मुख्य लाइन को शुरू करने की की है। इस रेल लाइन को कम नुकसान हुआ है, जबकि डाउन मेन लाइन करीब एक किलोमीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई है।

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    उन्होंने बताया कि ओएचई तार और इसके लिए लगाए गए खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को दोपहर बाद तक अप लाइन पर परिचालन बहाल किया जा सकता है। डाउन लाइन पर परिचालन शुरू होने के लिए शनिवार या रविवार तक इंतजार करना पड़ सकता है।

    मरम्मत कार्य जारी

    रेलवे ने परिचालन पुनर्बहाल करने के लिए यहां रेल क्रेन, रोड क्रेन के साथ ही कई अर्थमूवर और पोकलेन मशीनों के जरिए काम शुरू किया है। गैस कटर के जरिए कोचों को काटकर हटाया जा रहा है। इधर, घटना के तुरंत बाद लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराई गई थी, जो निगेटिव पाई गई।

    इस हादसे के कारण रेलवे को शुरुआती आकलन के अनुसार 52 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन और रद होने के कारण वाणिज्य विभाग को होने वाला नुकसान शामिल नहीं है।

    घटना के वक्त पूरी रफ्तार में थी ट्रेन

    हादसे के वक्त ट्रेन इस रेलखंड पर निर्धारित अधिकतम रफ्तार 130 के आसपास यानी 126 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से चल रही थी। स्टेशन प्रबंधक और लोको पायलट सहित हादसे से जुड़े पांच रेलकर्मियों की रिपोर्ट में जिक्र है कि ट्रेन को थ्रू सिग्नल मिला था। इसे मेन लाइन से गुजरना था। हादसे के बाद ट्रेन के सभी 23 कोच के सभी पहिए पटरी से उतर गए।

    दुर्घटनाग्रस्त कोच में कुछ 90 डिग्री तो कुछ 180 डिग्री तक मुड़ कर डाउन की मेन और लूप लाइन के साथ ही अप की भी दोनों लाइनों पर छितरा गए।

    चार लोगों की मौत, 78 घायल

    बक्सर के डीएम अंशुल अग्रवाल ने बताया कि घटनास्थल से चार रेल यात्रियों के शव बरामद किए गए हैं। घटना में घायल 78 लोगों का इलाज बक्सर, भोजपुर और पटना के अलग-अलग अस्पतालों में किया गया। ज्यादातर मरीजों को गंभीर चोटें नहीं लगी हैं। घायलों को रेलवे की ओर से 50-50 हजार रुपए की मदद दी गई है।

    इतनी ही मदद देने की बात बिहार सरकार ने कही है। मृतकों के स्वजन को रेलवे की ओर से 10 लाख और बिहार सरकार की ओर से चार लाख रुपए दिए गए हैं।

    दो डिविजन और चार जिलों से मददइस हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में दानापुर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेल मंडल से तकनीकी टीम और रेल सुरक्षा बल की मदद ली गई। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बक्सर, भोजपुर और रोहतास जिले की पुलिस को बचाव कार्य में लगाया गया है।

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