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    Bihar train accident: होश आया तो लुट चुकी थी दुनिया, जिस बेटी को खाने के लिए जगाया उसके मिले चीथड़े; पत्नी का था इंतजार, मिली लाश

    By Shubh Narayan PathakEdited By: Deepti Mishra
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 08:10 PM (IST)

    Bihar train accident North east express accident बिहार में बक्‍सर और आरा के बीच रघुनाथपुर रेलवे स्‍टेशन के पास दिल्‍ली से गुहावाटी जाने वाली नॉर्थ ईस्‍ट एक्‍सप्रेस हादसे की शिकार हो गई। इसमें निवासी दीपक भंडारी ने अपनी पत्नी उषा और एक बेटी आकृति को खो दिया। दीपक पत्नी और जुड़वा बेटियों के साथ नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी B-7 में सवार होकर न्यू जलपाईगुड़ी जा रहे थे।

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    ट्रेन पकड़ने से पहले दीपक भंडारी ने ली आखिरी सेल्फी। सौजन्य : स्वजन

    संवाद सहयोगी, ब्रह्मपुर (बक्सर)। आनंद विहार से परिवार के चार सदस्य संग-संग चले थे। न्यू जलपाईगुड़ी उतरना था। पति-पत्नी और जुड़वा बेटियां। दीपक भंडारी ने आनंद विहार स्टेशन पर परिवार संग सेल्फी भी ली। उस वक्त क्या पता था कि यह यादों की आखिरी सेल्फी बन जाएगी। अब कभी सेल्फी में पत्नी और बेटी आकृति नहीं होगी।

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    रघुनाथपुर में बुधवार को हुई ट्रेन दुर्घटना में महरौली साउथ दिल्ली निवासी दीपक भंडारी ने अपनी पत्नी उषा और एक बेटी आकृति को खो दिया। उन्होंने बताया कि पत्नी और जुड़वा बेटियों के साथ नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी बी-सात में सवार होकर न्यू जलपाईगुड़ी जा रहे थे।

    दीपक भंडारी बताते हुए भावुक हो जाते हैं। कहते हैं कि रघुनाथपुर में उनकी आंखों के सामने ही पत्नी और आठ साल की बेटी की मौत हो गई। कहते हैं कि वह और दूसरी बेटी अदिति बच गई। यात्रा से पहले परिवार के साथ एक सेल्फी ली थी। वह हंसी-खुशी अब यादों का ही हिस्सा भर है।

    बीवी-बच्‍ची को खाने के लिए जगाया था

    बुधवार की देर रात रघुनाथपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दीपक रोती हुई अपनी बेटी को सांत्वना देते हुए खुद भी फफक पड़े। घटना के समय वे पत्नी और बच्ची को उठाकर खाना खिला रहे थे। इसी बीच तेज आवाज के साथ गाड़ी झटका खाते हुए दुर्घटना का शिकार हो गई।

    जब होश आया... तब दुनिया लुट चुकी थी

    दीपक ने अपनी आंखों के सामने एक बेटी को मौत के मुंह में समाते देखा तो कुछ क्षणों के लिए होश खो बैठे। हादसे के बाद बचाव दल ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। तब उन्हें इस बात का पता नहीं था कि पत्नी की भी मौत हो चुकी है।

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    दीपक अपनी दूसरी बेटी के साथ अस्पताल में पत्नी का इंतजार कर रहे थे। इस बीच, उनकी पत्नी का शव आ गया। उनकी बेटी का शव कोच के नीचे फंस गया था, जिसे घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने मुश्किल से बाहर निकाला।

    उनकी बेटी का शव एक अन्य व्यक्ति के शव के साथ फंस गया था। शवों को बाहर निकाले जाने के बाद दूसरे शव की पहचान एक किशनगंज के अबु जैद के रूप में हुई।

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