Bihar News: पुलिस के एक्शन से माफियाओं में मचा हड़कंप, जब्त होगी संपत्ति; सामने आए 25 नाम
डीजीपी विनय कुमार के निर्देश के बाद कुख्यात अपराधियों एवं माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की कवायद शुरू हो गई है। भोजपुर जिले से अब तक ऐसे 25 माफियाओं को चिह्नित कर पहली सूची तैयार कर ली गई है। इन पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। माफियाओं की चल एवं अचल संपत्ति का पता लगाया जाएगा।
जागरण संवाददाता, आरा। डीजीपी विनय कुमार के निर्देश के बाद कुख्यात अपराधियों एवं माफियाओं की संपत्ति जब्त करने को लेकर तेजी से कवायद चल रही है। भोजपुर जिले में अभी तक 25 माफियाओं समेत अपराधियों को चिह्नित कर पहली सूची तैयार कर ली गई है।
अपराधियों की संपत्ति जब्ती संबंधी प्रस्ताव से पूर्व खरीदी गई संपत्ति से लेकर आयकर रिटर्न की जांच कराई जा रही है।
अवैध कमाई का ठोस साक्ष्य पाए जाने के बाद पुलिस भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती के लिए कोर्ट में प्रस्ताव समर्पित किया जाएगा।
खासकर उन अपराधियों व माफियाओं के विरुद्ध यह कार्रवाई की जाएगी, जिनके विरुद्ध कांड अनुसंधान अंतर्गत है।
भोजपुर एसपी राज के अनुसार चिह्नित माफियाओं में शराब तस्कर, मादक पदार्थ से लेकर बालू तस्कर तक शामिल है। बैंक में रखी नकदी से लेकर चल एवं अचल संपत्ति का पता निबंधन कार्यालय और अंचल कार्यालय से किया जा रहा है।
लिस्ट में इन माफियाओं का नाम
विभागीय सूत्रों की मानें तो सूची में कोईलवर क्षेत्र से बालू माफिया अमरेश राय उर्फ विदेशी राय, सोनू खान, गुड्डू राय तथा सत्येन्द्र पांडेय गैंग समेत छह तथा 19 अन्य नाम अन्य थाने से जुड़े अपराधियों व माफियाओं का नाम बताया जा रहा है।
इसके अलावा गौसगंज में जिस काका दंपती के घर से आठ सौ ग्राम हेरोइन मिला था, उसकी संपत्ति का भी पता लगाया जा रहा है।
क्या कहता है कानून
एक जुलाई 2024 से पूरे देश में लागू नए आपराधिक कानूनों नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 में धारा-107 को जोड़ा गया है, जो आपराधिक क्रियाकलाप से संबंधित या अर्जित सम्पत्ति के अधिग्रहण या कुर्की को लेकर मत स्पष्ट कर देता है।
बीएनएसएस-2023 की इस धारा में यह व्यवस्था की गई है कि अनुसंधान पदाधिकारी को अनुसंधान के दौरान विश्वसनीय रूप से यह तथ्य संज्ञान में आने पर कि अपराधी ने आपराधिक कृत्य के माध्यम से उपरोक्त संपत्ति अर्जित की है, उसके विरुद्ध प्रस्ताव समर्पित कर सकते है।
आय के स्रोत, आयकर रिटर्न की चल रही पड़ताल
अनुसंधान करने वाले दारोगा या इंस्पेक्टर को कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने से पहले यह पता किया जा रहा कि अपराधी की संपत्ति अपराध की आय से किस प्रकार जुड़ी हुई है।
इसके लिए आइओ आरोपित के आय के स्रोत, आयकर रिटर्न, खरीदी गई संपत्ति के भुगतान के तरीके आदि का सूक्ष्मता से परीक्षण कर रहे है। इसके अलावा आइओ द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र के आधार पर कोर्ट द्वारा आरोपित को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जाएगा।
किस तरह के कांड में कैसे होगी कार्रवाई
- वैसे कांड जो अनुसंधान अन्तर्गत है, उन कांडों में आरोपित की संपत्ति की जांच कराए जाने का प्रविधान है।
- आरोपित द्वारा खरीदी गई संपत्ति एवं आय का मिलान किया जाएगा।
- आयकर रिर्टन की जांच की जाएगी, आरटीआई के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी।
- अगर अपराधी ने अपने किसी रिश्तेदार के नाम पर संपत्ति व गाड़ी खरीदी है तो रिश्तेदार के भी आय की जांच की जाएगी।
- आय के स्त्रोतों का भी पता लगाया जाएगा, जिससे की अवैध कमाई का पता चल सके।
डीजीपी के निर्देश पर अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों को चिह्नित करने की कवायद तेजी से जारी है। अभी तक भोजपुर जिले में 25 माफियाओं को चिन्हित किया जा चुका है। आगे अन्य मादक पदार्थ से लेकर से लेकर बालू माफियाओं को चिह्नित किया जा रहा है।
राज, एसपी भोजपुर
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