Bihar: यहां FDR तकनीक से बनेगी 11 KM लंबी सड़क, 3 नेशनल हाईवे से होगी कनेक्ट; 10 करोड़ का प्रोजेक्ट
Bihar Road Project शाहपुर से जगदीशपुर तक जाने वाली सड़क का निर्माण अब एफडीआर तकनीक से होगा। यह तकनीक सड़क निर्माण के क्षेत्र में नई है और जिले में पहली बार इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इस सड़क के बनने से शाहपुर बिहिया और जगदीशपुर प्रखंड के लाखों लोगों को फायदा होगा। साथ ही दूरी भी घटेगी और समय की भी बचत होगी।

संवाद सूत्र, शाहपुर (आरा)। तीन राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली शाहपुर से बनाही स्टेशन, महुआंव व शिवपुर होते हुए जगदीशपुर तक जाने वाली सड़क नई एफडीआर तकनीक से बनेगी। उक्त महत्वपूर्ण सड़क का शिलान्यास शनिवार (5 अप्रैल) को सांसद सुदामा प्रसाद और विधायक राहुल तिवारी संयुक्त रूप से करेंगे।
बता दें कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में यह एफडीआर तकनीक से बनने वाली जिले की पहली सड़क होगी। सड़क निर्माण का कार्य अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा।
तीन राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगी ये सड़क
यह सड़क शाहपुर से होकर गुजरने वाली एनएच 84, आरा-बक्सर फोरलेन एनएच 922 तथा आरा-मोहनियां एनएच 30 को आपस मे जोड़ेगी। जिससे शाहपुर, बिहिया तथा जगदीशपुर प्रखंड के लाखों लोगों को फायदा होगा। साथ ही दूरी भी घटेगी व समय की भी बचत होगी।
शाहपुर-बनाही वाया शिवपुर जगदीशपुर सड़क। जागरण
लगभग 11 किलोमीटर में बनने वाली इस सड़क के लिए सरकार द्वारा करीब 10 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। पिछले दो वर्षों से यह महत्वपूर्ण सड़क पुरानी तकनीक और नई तकनीक से निर्माण करने की पेंच में फंसी हुई थी। करीब ग्यारह करोड़ की लागत आने वाली है।
क्या है एफडीआर तकनीक?
सड़क निर्माण की यह नवीनतम तकनीक एफडीआर के नाम से जानी जाती है। इस नवीनतम तकनीक के तहत सड़क के सामग्री को निकाल कर उसमें सामग्री मिलकर उसके द्वारा ही इसके निर्माण की जाएगी। जिससे सड़क की ऊंचाई जैसे पहले थी। उसी तरह रहेगी।
नई एफडीआर तकनीक से सड़क निर्माण
- शाहपुर से बनाही स्टेशन, महुआंव व शिवपुर होते हुए जगदीशपुर तक जाने वाली सड़क एफडीआर तकनीक से बनेगी।
- यह जिले की पहली सड़क होगी जो इस नई तकनीक से बनेगी, और कार्य जल्दी शुरू होगा।
तीन राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगी सड़क
- सड़क शाहपुर से होकर एनएच 84, एनएच 922, और एनएच 30 को जोड़ेगी।
- इससे शाहपुर, बिहिया, और जगदीशपुर के लाखों लोगों को लाभ होगा, समय और दूरी दोनों में बचत होगी।
एफडीआर तकनीक के लाभ
- एफडीआर तकनीक से सड़क के निर्माण में मौजूदा सामग्री का पुनः उपयोग किया जाएगा, जिससे सड़क की ऊंचाई समान बनी रहेगी।
- यह तकनीक लागत को भी कम करती है और निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाती है।
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