'मुंह तक नहीं देखेंगे', CM नीतीश कुमार के MLA ने पुलिस की 'सेटिंग' पर उठाए सवाल, SP ने दी सफाई
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गोपालपुर के विधायक ने नवगछिया पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस इलाके में होने वाली मारपीट की घटनाओं में दोनों पक्षों से पैसे वसूलती है और समानांतर व्यवस्था बनाकर घायलों का इलाज प्राइवेट डॉक्टर से कराती है। इसके बाद दूसरे पक्ष को एफआईआर और जेल भेजने का डर दिखाकर मोल-भाव करती है।

जासं, भागलपुर। अपनी भड़ास, बेबाकी और कड़वे बोल से हमेशा विवादों में रहने वाले गोपालपुर के जदयू विधायक नरेंद्र कुमार उर्फ गोपाल मंडल ने फिर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस बार गोपाल ने नवगछिया पुलिस की बखिया उधेड़ कर रख दी।
उन्होंने पुलिसवालों पर जाने-अनजाने कई संगीन आरोप लगाए हैं। मंगलवार को विधायक ने नवगछिया पुलिस पर भड़कते हुए कहा, इलाके में कोई मारपीट की घटना होती है, तो पुलिस वाले दोनों हाथ से पैसा वसूलने में जुट जाते हैं।
किसी संगठित गिरोह की तरह समानांतर व्यवस्था बनाकर घायल का इलाज प्राइवेट डाक्टर से कराया जाता है। फिर दूसरे पक्ष को एफआइआर और जेल भेजने का डर दिखाते हुए जमकर मोल-भाव किया जाता है।
पुलिस की प्लानिंग-सेटिंग का खेल ऐसा कि मोटी उगाही के बाद दोनों पक्ष पर 107 की कार्रवाई करके छोड़ देती है। विधायक ने कहा कि पुलिस के इस नियोजित प्रयोग से प्रक्षेत्र में लड़ाई-झगड़े के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
गोपाल मंडल ने ला एंड आर्डर के लिए जवाबदेह अफसरों को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा- हम आइएएस-आइपीएस पर भरोसा नहीं करते, वे सिर्फ बोलते हैं सुनते नहीं। ये लोग सामने वाले को मूर्ख समझते हैं।
विधायक गोपाल मंडल के भड़कने की वाजिब वजह भी है। दो दिन पहले नवगछिया में जदयू कार्यकर्ता सम्मेलन में नवगछिया एसपी को उन्होंने टारगेट किया था। पुलिस पर भ्रटाचार के कई आरोप मढ़े थे।
इसके बाद नवगछिया पुलिस ने विधायक के बयान का खंडन जारी कर दिया। मामला तूल पकड़ने के बाद विधायक ने कहा कि हम सरकार के आदमी हैं, एसपी भी। जब तक हम हैं, तब तक पुलिस को हमारी विधानसभा के लोगों की सेवा करनी होगी।
विधायक के आरोपों का एसपी ने किया खंडन
- इधर, नवगछिया पुलिस अधीक्षक पूरन झा ने विधायक के आरोपों का खंडन करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की। कहा, विधायक की बातें बेबुनियादी है। वह हर रोज कार्यालय में जनता से मिलते हैं।
- पुलिस के डिजिटल मीडिया पोर्टल पर प्रतिदिन अपडेट तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। एसपी के अनुसार रंगरा इलाके के जिस मामले की विधायक ने पैरवी की थी, उस मामले में दो अभियुक्त को जेल भेजा गया। थानेदार पर कार्रवाई कर लाइन हाजिर किया गया।
- उनके अंगरक्षकों से संबंधित शिकायत थी, उसका निष्पादन भी किया गया। फिर भी विधायक को उनसे कोई व्यक्तिगत दिक्कत है तो क्या करें। एसपी ने कहा है कि उनके भ्रष्टाचार का कोई मामला विधायक के पास है तो उसे सार्वजनिक करें।
पुलिस ने ठोकी अपनी पीठ बताई कई उपलब्धियां
पुलिस ने विधायक के आरोपों के जवाब में अपनी एक पर एक कई उपलब्धियां बताईं। कहा- इस साल इलाके के टाप 10 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। हत्या मामले में 41, लूट में 18, डकैती में पांच, चोरी 60 सहित अब तक 1412 आरोपित की गिरफ्तारी इस साल हो चुकी है।
11,450 लीटर शराब, 68 हथियार, 241 गोली और 55 मोबाइल बरामद किए गए हैं। जिसकी सभी सराहना कर रहे हैं। एसपी ने कहा कि यदि जनता की नहीं सुनते तो वरीय से किसी ने कोई शिकायत अबतक क्यों नहीं की। परबत्ता व रंगरा में भूमि विवाद से विधायक ने अवगत कराया था, जिस पर कार्रवाई की गई है।
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