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Bihar Students PEN Number: बिहार के 2.44 करोड़ बच्चों को मिलेगा परमानेंट एजुकेशन नंबर, फर्जी नामांकन पर लगेगी रोक

राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिया गया है कि 29 फरवरी तक हर हाल में यू डायस पोर्टल पर डाटा अपडेट करें। यू डायस अपडेट होने के बाद राज्य के 94 हजार 889 निजी और सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 2 करोड़ 44 लाख 77 हजार 511 बच्चे को पैन नंबर मिलेगा। जिसमें भागलपुर के 2489 सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 7.32 लाख बच्चे शामिल हैं।

By Abhishek Prakash Edited By: Rajat Mourya Published: Wed, 28 Feb 2024 03:23 PM (IST)Updated: Wed, 28 Feb 2024 03:23 PM (IST)
Bihar Students PEN Number: बिहार के 2.44 करोड़ बच्चों को मिलेगा परमानेंट एजुकेशन नंबर, फर्जी नामांकन पर लगेगी रोक
बिहार के 2.44 करोड़ बच्चों को मिलेगा परमानेंट एजुकेशन नंबर, फर्जी नामांकन पर लगेगी रोक

अभिषेक प्रकाश, भागलपुर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रदेश सहित देशभर के सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों को नया पहचान नंबर दिया जाएगा। कक्षा एक से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं को शिक्षा विभाग द्वारा पैन (परमानेंट एजुकेशन नंबर) जारी किया जाएगा। इसको लेकर यू डाइस पोर्टल पर तेजी से डाटा अपलोड कराया जा रहा है।

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राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिया गया है कि 29 फरवरी तक हर हाल में यू डायस पोर्टल पर डाटा अपडेट करें। यू डायस अपडेट होने के बाद राज्य के 94 हजार 889 निजी और सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 2 करोड़ 44 लाख 77 हजार 511 बच्चे को पैन नंबर मिलेगा। जिसमें भागलपुर जिले के 2489 सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख 32 हजार 346 बच्चे शामिल हैं।

जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि यू डाइस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक इंफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन) पर बच्चों से जुड़ी 53 प्रकार की जानकारी भरने का काम जारी है। बच्चों को ट्रैक करने के लिए पैन कार्ड की तर्ज पर परमानेंट एजुकेशन नंबर होगा। पैन नंबर 12 अंकों की होगी। पैन जारी होने के बाद महज एक क्लिक पर बच्चों के बारे में सारी जानकारियां कंप्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी।

फर्जी नामांकन और उपस्थिति दर्ज करने की प्रवृति पर लगेगी रोक

डीपीओ एसएसए डा जमाल मुस्तफा ने बताया कि बच्चों को पैन नंबर मिलने के बाद ऐसे बच्चे जो दो जगह पर नामांकित हैं, ऐसे बच्चे पकड़ में आएंगे। सरकारी विद्यालय में नामांकन करा कर निजी स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं में भी फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। ड्राप आउट करने के बाद बच्चे दूसरे जगह नामांकन ले रहे हैं या नहीं, यह भी पकड़ने में आसानी होगी।

उन्होंने बताया कि परमानेंट एजुकेशन नंबर मिलने के बाद वैसे बच्चे जो 9 वीं व 11वीं में जिन्हें बोर्ड में रजिस्ट्रेशन करना होता था। अब पैन नंबर की मदद से बच्चों को पंजीकरण होगा। स्कूलों में बच्चों से जुड़े हर काम करने के लिए पैन नंबर का उपयोग होगा। यहां तक की बच्चों की टीसी जारी होने पर भी इस नंबर को भरना अनिवार्य होगा। साथ ही इसे डिजी लाकर से किया लिंक करने की तैयारी है।

अभी यू डाइस अपडेशन का काम चल रहा है। केंद्र स्तर से जिले के साथ-साथ राज्य के सभी बच्चों को 12 संख्याओं वाला पैन नंबर मिलेंगे। यह बच्चों का अपना पहचान नंबर होगा। - डॉ. जमाल मुस्तफा, डीपीओ एसएसए

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