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    भागलपुर में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, हर प्रखंड के एक प्रसिद्ध स्थान को किया जाएगा विकसित

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 05:16 AM (IST)

    भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिले के हर प्रखंड में एक प्रसिद्ध स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। बीडीओ क ...और पढ़ें

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    अधिकारियों के साथ बैठक करते जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर सिंह। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के हर प्रखंड के एक प्रसिद्ध स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी डा. नवल किशोर चौधीर ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंड में स्थल चयन करने और उसके विकास के लिए समिति गठित करने का टास्क दिया है। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    मुख्यालय स्तर के पदाधिकारी प्रखंडों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि चयनित स्थल पर साफ-सफाई व चप्पल-जूता रखने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे की स्थापना और एक अच्छी स्क्रिप्ट तैयार की जानी चाहिए, ताकि आगंतुक स्थल की जानकारी प्राप्त कर भ्रमण कर सकें।

    बैठक में सभी अधिकारी हुए शामिल

    जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में आयोजित बैठक में भागलपुर के सभी कार्यालय प्रधान, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी शामिल हुए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रखंड स्तर पर महीने में कम से कम दो बार समन्वय की बैठक आयोजित की जानी चाहिए। यदि किसी दो विभागों के बीच समन्वय का मुद्दा है, तो उसका समाधान जिला स्तर के पदाधिकारी करें।

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग के पदाधिकारियों का यह दायित्व है कि वे अपने विभाग के कार्यों में सबसे नीचे वाले तीन प्रखंडों का चयन करें और वहां जाकर उनकी समीक्षा करें, ताकि विकास की दिशा में सतत प्रयास किए जा सकें। इसके अलावा, किसान सम्मान निधि और ई केवाईसी के लिए 6 से 9 जनवरी तक शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है, इसलिए इन कार्यों का समय पर निष्पादन आवश्यक है।

    जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामलों में अच्छा कार्य करें और शिकायतों का एक फोल्डर बनाकर ऐसी व्यवस्था करें कि शिकायतकर्ता दोबारा न आएं। जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षकों के अनुशासन का पालन कराने के लिए निर्देशित किया गया है, क्योंकि शिक्षा विभाग में अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।

    अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि निकू और पिकू के बेड खाली न रहें। अस्पतालों में सर्जन की उपस्थिति के बावजूद ऑपरेशन न होने की स्थिति की समीक्षा सिविल सर्जन करें।

    स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर जोर

    जिलाधिकारी ने छोटे-छोटे स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। भागलपुर में आटा, चावल और अन्य स्थानीय सामग्री का निर्माण किया जा रहा है। जीविका द्वारा उत्पादित खाद्य आइटम जैसे आम, मक्का, जूस, फूल और बेलपत्र के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जीएमडीआईसीटी की बैठक आयोजित की जाएगी।

    उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कम से कम तीन खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण करें और वहां उपस्थित किसानों से फीडबैक लें। इसके साथ ही, जिओ टैग्ड सामग्री जैसे जर्दालू आम और सिल्क का निर्यात सुनिश्चित करने की बात भी की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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