Bhagalpur News: भागलपुर में सिरदर्द बना सोलर सिस्टम, जेनरेट नहीं हो रही बिजली
भागलपुर में डॉक्टर शेखर गुप्ता ने अपने घर पर सोलर पैनल लगवाया था लेकिन यह काम नहीं कर रहा है। विभाग के अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। डॉक्टर को 37 हजार से अधिक का बिल मिला है जिसे उन्होंने जमा करा दिया है लेकिन सोलर सिस्टम चालू नहीं हुआ है। बिजली विभाग ने 21 महीने का एकमुश्त 37 हजार का बिल भेज दिया है।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur News: भागलपुर में बिजली के लिए घर के छत पर लगाए गए सोलर पैनल सिकंदरपुर के डॉक्टर शेखर गुप्ता के लिए सिर दर्द बन गया है। सोलर पैनल से बिजली जेनरेट नहीं हो रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने विभाग के अधिकारियों से की है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसके लिए उन्हें विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरों सोलर पैनल लगाया था। जिसके लगाने के लिए सब्सिडी देती है। डाक्टर ने बिजली विभाग के माध्यम से वेंडर से दो-ढाई साल पहले चार किलोवाट के चार सोलर सिस्टम अपने घर के छत पर लगवाया।
बिजली विभाग ने 21 महीने का एकमुश्त बिल भेजा है
लेकिन कुछ समय सामान्य रूप से काम करने के बाद सोलर सिस्टम काम करना बंद कर दिया। बिजली विभाग ने 21 महीने का एकमुश्त 37 हजार से अधिक का बिल उपभोक्ता को भेज दिया है।
बिल देखकर उपभोक्ता बिजल विभाग और वेंडर से संपर्क साधना शुरू कर दिया। लेकिन लगातार संपर्क करने के बाद ना तो सोलर एजेंसी बंद पड़े सोलर सिस्टम को चालू करने आगे आ सकी है और ना ही बिजली विभाग समाधान का रास्ता तलाश रहा है। निराश उपभोक्ता ने समय से विपत्र जमा करा तो दिया है।
डाक्टर शेखर गुप्ता ने बताया कि सोलर एजेंसी से संपर्क करने के बाद वे लगातार टालमटोल कर रहे हैं। समय मिलने पर जाकर देखने की बात कह कर टाल देते रहे हैं। संबंधित एजेंसी को पांच वर्षों तक सोलर सिस्टम की देखरेख किया जाना है। उन्होंने कहा कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद वे एक बार भी इसकी देखरेख के लिए नहीं पहुंचे हैं। मामले की जानकारी कार्यपालक अभियंता से समस्या के समाधान की मांग की गई है।
जिसपर उनकी ओर से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मिला है। इस संबंध में मोजाहिदपुर सर्किल के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि सोलर सिस्टम का एग्रमीमेंट उपभोक्ता और वेंडर के बीच उनकी खुद की पहल से होती है। बिजली विभाग सिर्फ नेट मीटर का एग्रीमेंट करता है।
बिजली जेनरेशन से खपत ज्यादा होगी, तो बिल जेनरेट होगा और यह उपभोक्ताओं को देना रहता है। फिर भी इस मामले को देखा जाएगा। बिजली बिल की जांच की जाएगी।
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