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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election: डेढ़ लाख नए वोटरों को कैसे रिझाएगा राजद? इस सीट पर प्रत्याशियों के सामने ये चुनौती, ऐसा रहा है रिजल्ट

Published: Mon, 15 Apr 2024 12:50 PM (IST)

Bihar Political News बांका लोकसभा सीट पर इस बार प्रत्याशियों के सामने नई चुनौती है। पिछली बार की तरह जदयू ...और पढ़ें

डेढ़ लाख नए वोटरों को रिझाने पर ही राजद की राह
डेढ़ लाख नए वोटरों को रिझाने पर ही राजद की राह

HighLights

  1. पिछले लोकसभा चुनाव में जदयू ने राजद को दो लाख वोटों से दी थी मात
  2. भाजपा की बागी पुतुल कुमारी भी एक लाख वोट बटोरने में रही थी सफल

जागरण संवाददाता, बांका। Lok Sabha Election बांका संसदीय सीट पर मुकाबला 2019 के चुनाव से ही मिलता जुलता दिख रहा है। तब जदयू (JDU) और राजद (RJD) के प्रत्याशी भी वही हैं और गठबंधन भी वही है। मौजूदा जदयू सांसद गिरिधारी यादव इस बार भी पार्टी प्रत्याशी हैं। इंडी गठबंधन से भी पिछले प्रत्याशी राजद के जयप्रकाश यादव हैं।

उस चुनाव में जदयू के गिरिधारी यादव ने राजद के जयप्रकाश यादव पर दो लाख से अधिक मतों की बढ़त बनाई थी। यह बढ़त तब मिली थी, जब भाजपा की बागी पूर्व सांसद पुतुल कुमारी भी प्रत्याशी बनकर एक लाख वोट बटोरने में सफल रही थी।

उनके वोट को जोड़ दें तो एनडीए की कुल बढ़त करीब तीन लाख वोटों की है। ऐसे में राजद प्रत्याशी को जीत हासिल करने के लिए अपने पुराने वोटों को बरकरार रखते हुए एनडीए (NDA) का डेढ़ लाख वोट अपने पाले में लाना होगा।

राजद का पिछले दो लोकसभा चुनाव में बांका में वोट बढ़ नहीं पाया

पिछले तीन चुनावों के आंकड़ों को देखें तो बांका संसदीय सीट पर राजद और भाजपा दोनों का मत करीब-करीब बराबर रहा है। यह आंकड़ा 2.75 लाख से 2.85 लाख के बीच का है। भाजपा में जदयू का वोट जुटते ही जीत की राह आसान हो जाती है। लेकिन राजद का पिछले दो लोकसभा चुनाव में बांका में वोट बढ़ नहीं पाया है।

यह भी 2.76 लाख से 2.85 लाख के बीच घूम रहा है। जदयू का अपना वोट डेढ़ लाख से कुछ अधिक है। पिछले चुनाव में यही दोनों वोट जोड़कर एनडीए प्रत्याशी दो लाख बढ़त बनाने में सफल रहे थे। ऐसी स्थिति में राजद का रास्ता तभी बन सकता है, जब वह अपना परंपरागत वोट सुरक्षित रखते हुए एनडीए के वोट में सेंधमारी करे।

एनडीए में जदयू का वोट हिलने से रहा। भाजपा के वोटर भी कैडर हैं। हां, राजनीति शास्त्र का एंटी इन्कम्बैंसी फेक्टर हर चुनाव में जरूर कुछ काम करता है। अब जदयू प्रत्याशी को मोदी लहर, प्रचार और चुनाव प्रबंधन इसे कितना रोक पाता है, इसके लिए अभी सभी सबको इंतजार करना पड़ेगा।

2019 के लोकसभा में प्रमुख प्रत्याशी का मत

गिरिधारी यादव-जदयू-4,76,991

जयप्रकाश यादव-राजद-2,76,860

पुतुल कुमारी-निर्दलीय-1,03,449

2014 के प्रमुख प्रत्याशी व प्राप्त मत

जयप्रकाश यादव-राजद-2,85,152

पुतुल कुमारी-भाजपा-2,75,032

संजय कुमार-सीपीआई-जदयू-2,20,713

2009 के प्रमुख प्रत्याशी व प्राप्त मत

दिग्विजय सिंह-निर्दलीय-1,85,762

जयप्रकाश यादव-राजद- 1,57,046

दामोदर रावत-जदयू-1,11,443

गिरिधारी यादव-कांग्रेस-44,588

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