Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    अब 19 KM का ग्रीनफील्‍ड फोरलेन;औरंगाबाद में बदल गया 835 करोड़ के बाईपास का एलाइनमेंट, कहां हाेगा न‍िर्माण?

    By Manish Kumar Edited By: Vyas Chandra
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 10:35 PM (IST)

    औरंगाबाद में ओवरब्रिज के पास लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए NHAI ने बाईपास निर्माण की दूसरी एलाइनमेंट तैयार की है। यह 19 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    19 क‍िलोमीटर ग्रीनफील्‍ड बाईपास का होगा न‍िर्माण। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद।  शहर के ओवरब्रिज के पास प्रतिदिन लगने वाले जाम को देखते हुए फोरलेन बाईपास निर्माण को लेकर NHAI की कंसलटेंट कंपनी ने दूसरी एलाइमेंट तैयार की है।

    एनएचएआई द्वारा पहली एलाइमेंट को स्थगित करने के बाद दूसरी नई एलाइमेंट तैयार कराई गई है। यह एलाइमेंट करीब 19 किलोमीटर लंबी होगी और इसे पूरी तरह ग्रीनफील्ड बाईपास बनाया जाएगा, जिसके लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

    एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि दूसरी एलाइमेंट की बाईपास सड़क मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एनएच-139 स्थित खैरी मोड़ से शुरू होकर मंजुराही, रायपुरा और पवई गांव होते हुए भरकुर गांव के पास वन विभाग के जैविक उद्यान के बाद एनएच-139 से जुड़ेगी।

    यह भी पढ़ें- NH-119D: 55 क‍िमी लंबा एक्‍सप्रेसवे लि‍खेगा क्षेत्र के रोजगार और व‍िकास की नई कहानी; कब तक होगा तैयार?

    बताया गया कि इससे पहले तैयार की गई पहली एलाइमेंट लगभग नौ किलोमीटर लंबी थी, जिसका डीपीआर बनाकर एनएचएआई नई दिल्ली को भेजा गया था।

    उस योजना की कुल लागत करीब 835 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसमें 490 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर और 345 करोड़ रुपये सड़क निर्माण पर खर्च होने थे।

    सड़क निर्माण से जमीन अधिग्रहण की अत्यधिक लागत के कारण एनएचएआई ने उस डीपीआर को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और दूसरी एलाइमेंट का डीपीआर मांगा, जो अब तैयार कर लिया गया है।

    अधिकारी ने बताया कि दोनों डीपीआर एनएचएआई को भेजे जाएंगे, जिसके बाद एनएचएआई के द्वारा जिस डीपीआर को स्वीकृत करेगा उस योजना पर काम शुरू होगा। बताया गया कि यह बाईपास नगर परिषद क्षेत्र के बाहर ही बनाया जाएगा, ताकि शहरी यातायात पर सीधा प्रभाव पड़े।

    बाइपास बनेगी तभी शहर को जाम से मिलेगा निजात

    शहरी क्षेत्र का बाइपास नहीं बनने से वर्तमान समय में बाईपास ओवरब्रिज के पास प्रतिदिन जाम लगता है। भारी वाहनों विशेषकर ट्रक, हाइवा और ट्रेलर के गुजरने से रोजाना जाम की स्थिति बनती है।

    इससे ओवरब्रिज से रामाबांध बस स्टैंड तक एनएच-139 पर तथा जीटी रोड टोयोटा शोरूम तक हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ओवरब्रिज के सर्विस रोड पर भी जाम लग जाता है। बाईपास बनने से इस समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

    नहर रोड नहीं बन सका बाईपास

    शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित बाइपास निर्माण को लेकर तत्कालीन डीएम सौरभ जोरवाल, श्रीकांत शास्त्री के द्वारा नहर रोड का निरीक्षण किया गया था।

    यह नहर रोड जीटी रोड स्थित एलआइसी कार्यालय के सामने से प्रारंभ होकर चतरा मोड़ के पास एनएच 139 तक जाती है। निरीक्षण के बाद दोनों तत्कालीन डीएम ने इस सड़क को बाईपास के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पथ निर्माण विभाग को भेजा था।

    हालांकि, सड़क का अधिकांश हिस्सा नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने के कारण इस योजना पर आगे कार्य नहीं हो सका। शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने वाली यह महत्वपूर्ण योजना अब तक लंबित पड़ी हुई है।