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    दिल्‍ली में तेजी से बढ़े प्रदूषण फैलाने वाले वाहन, Traffic Police ने किए एक लाख से ज्‍यादा चालान

    देश की राजधानी दिल्‍ली में काफी कम समय में काफी तेजी से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्‍या में बढ़ोतरी हुई है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सिर्फ चार महीनों में ही एक लाख से ज्‍यादा वाहनों के चलान किए गए हैं। Delhi Traffic Police की ओर से और क्‍या जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं।

    By Sameer Goel Edited By: Sameer Goel Updated: Mon, 13 May 2024 02:11 PM (IST)
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    Delhi Traffic Police ने जनवरी से अप्रैल के बीच लाखों वाहनों के चालान किए हैं।

    पीटीआई, नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में हर साल प्रदूषण की समस्‍या में बढ़ोतरी होती है। बड़ी संख्‍या में सड़क पर चलने वाले वाहनों से भी प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है। जिसपर दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय समय पर कार्रवाई भी की जाती है। हाल में ही जानकारी मिली है कि दिल्‍ली में काफी कम समय में तेजी से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्‍या में बढ़ोतरी हुई है। ट्रैफिक पुलिस ने बीते चार महीनों में कितने वाहनों का चालान किया है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।

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    Delhi Traffic Police ने दी जानकारी

    दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि 2024 के पहले चार महीनों में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) उल्लंघन के कुल 101,164 मामले दर्ज किए गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि पिछले साल इन चार महीनों के दौरान 78169 चालान किए गए थे। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले इस साल दर्ज किए गए मामलों में 30 प्रतिशत से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हुई है।

    कहां हुए सबसे ज्‍यादा चालान

    दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने मॉडल टाउन, करोल बाग, नजफगढ़, द्वारका, पंजाबी बाग और तिलक नगर समेत टॉप-10 ट्रैफिक सर्किलों का व्यापक विश्लेषण किया है, जहां 2024 में सबसे ज्यादा चालान जारी किए गए।" उन्‍होंने कहा कि उल्लंघन में बढ़ोतरी शहर में वाहन प्रदूषण की लगातार चुनौती को भी उजागर करती है, जो वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर के लिए कुख्यात है। अधिकारी ने कहा, "इस विस्तृत जांच में उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है जहां इस तरह के यातायात उल्लंघन सबसे अधिक बार होते हैं। इन क्षेत्रों की पहचान करके, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने के लिए लक्षित प्रवर्तन उपायों को लागू किया जा सकता है।" दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि पीयूसीसी नियमों की कड़ाई से निगरानी और कार्यान्वयन करके, उनका उद्देश्य मोटर चालकों के बीच उत्सर्जन मानकों के अनुपालन की संस्कृति विकसित करना है।

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    वाहनों से होता है प्रदूषण

    दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने कहा, "वाहनों का उत्सर्जन दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए, अनियंत्रित उत्सर्जन से जुड़े प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए वैध पीयूसीसी के बिना वाहनों पर कार्रवाई करना जरूरी है।"

    कितने का है चालान

    अगर किसी भी वाहन को बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट के साथ सड़क पर चलता हुआ पाया जाता है, तो यह मोटर व्‍हीकल एक्‍ट के 115 CMVR/190(2) का उल्‍लंघन होता है, जिसमें पुलिस की ओर से 10 हजार रुपये तक का चालान किया जा सकता है।

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