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    Tata Motors को पैसेंजर वाहन सेगमेंट में भारी उछाल की उम्मीद, इन मॉडल्स पर टिका है कंपनी का पूरा प्लान

    वॉल्यूम के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ दो साल पहले हम 2.7 मिलियन से 3 मिलियन (इकाइयों के लिए) उद्योग के बारे में बात कर रहे थे। टाटा को उम्मीद है कि कर्व और सिएरा के लॉन्च के बाद ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। (फाइल फोटो)।

    By Rammohan MishraEdited By: Rammohan MishraUpdated: Thu, 25 May 2023 07:19 PM (IST)
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    Domestic passenger vehicles sales expected to stay strong this fiscal says Tata Motors

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक के अनुसार देश में घरेलू पैसेंजर वाहनों की मांग बढ़ने वाली है। घोषणा की गई है कि बीते दिनो हुई बिक्री को कम करने वाली इन्वेंट्री के बावजूद कंपनी को इस वित्त वर्ष में पैसेंजर वाहनों की सेल मजबूत रहने की उम्मीद है।

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    आपको बता दें कि टाटा ने पिछले साल 50,000 यूनिट इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन बेचे थे और कंपनी का इस वित्तीय वर्ष में 1 लाख यूनिट तक पहुंचने का लक्ष्य है। वहीं कंपनी हाल ही में लॉन्च हुई प्रीमियम हैचबैक Altroz CNG के दम पर सीएनजी कार सेगमेंट में गहरी पहुंच बनाने की तैयारी में है।

    एसयूवी की बढ़ेगी मांग

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक, शैलेश चंद्रा ने कहा कि उच्च स्तर पर मांग के बने रहने के संदर्भ में अब तक संकेतक अच्छे हैं। उन्होने कहा कि पिछले पांच से छह महीनों में कम हो रही मांग और चैनल इन्वेंट्री, वास्तव में उद्योग की मांग को बढ़ा रहे थे। उन्होने आगे कहा कि अब ये दो कारक चले गए हैं।

    उनका कहना है कि विशेष रूप से एसयूवी सेगमेंट मे वृद्धि देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपग्रेड करने वालों और पहली बार खरीददारों द्वारा ऐसे वाहनों को चुनने से एसयूवी की मांग में वृद्धि होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों पर बात करते हुए चंद्रा ने कहा कि टाटा मोटर्स ने पिछले पांच वर्षों में 50,000 यूनिट्स की वृद्धि देखी है, जो वित्त वर्ष 2019 में केवल लगभग 500 यूनिट्स ही थी।

    कर्व और सिएरा से कंपनी को बड़ी उम्मीद

    वॉल्यूम के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ दो साल पहले, हम 2.7 मिलियन से 3 मिलियन (इकाइयों के लिए) उद्योग के बारे में बात कर रहे थे। यह बढ़कर 3.9 मिलियन (पिछले साल) हो गया है। चंद्रा ने कहा कि उद्योग में पिछले साल देखी गई लगभग 27 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि थोड़ी सामान्य है।

    उनका कहना है कि कंपनी का फोकस हैचबैक और सेडान को बचाए रखने व एसयूवी में नए नेमप्लेट को शामिल करने पर है। आपको बता दें कि कंपनी की कुल पैसेंजर वाहन बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी लगभग 66 प्रतिशत है। टाटा को उम्मीद है कि कर्व और सिएरा के लॉन्च के बाद ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा।