नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। बिक्री के मोर्चे पर गंभीर मंदी से जूझ रहे घरेलू ऑटो इंडस्ट्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोडमैप तैयार करने की योजना बनाई है। इसके तहत इंडस्ट्री एक बाहरी संस्था की मदद लेगा। नीती आयोग चाहता है कि वर्ष 2023 तक सभी तिपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल दिया जाए। वहीं, आयोग की रहा है कि वर्ष 2025 तक 150 cc तक क्षमता वाले सभी दोपहिया वाहन बिजली चाहित हों।

पिछले महीने नीति आयोग ने इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में दो सप्ताह के भीतर उन्हें इस बदलाव पर पर ठोस कदमों के साथ आने को कहा था। लेकिन वाहन निर्माताओं का कहना था कि इस काम में उन्हें कम से कम चार महीने लगेंगे। हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर कंपनी और होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने नीति आयोक की परंपरागत दोपहिया और तिपहिया पर पूरी तरह रोक और 100 फीसद बिजली-चालित वाहनों की योजना का विरोध किया है।

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने भी पिछले दिनों कहा था कि इलेक्ट्रिक वाहनों की और स्थानांतरण के लिए योजना बनाई जानी चाहिए और कई वर्षओं की रूपरेखा के जरिए वह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पूरा माहौल इसके लिए तैयार है। अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "वे इस पर अध्ययन करा रहे हैं और इस पर सरकार के साथ विचार विमर्श कर करेंगे।"

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Posted By: Ankit Dubey