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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कहीं खतरनाक रूप न ले ले इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई! तुर्की का कड़ा रुख

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 17 May 2021 08:10 AM (IST)Updated: Mon, 17 May 2021 05:54 PM (IST)

इजरायल और फलस्‍तीन के बीच छिड़ा युद्ध भयानक रूप ले सकता है। इस तरह की आशंका इसलिए जताई जा रही ...और पढ़ें

रूस समेत इस्‍लामिक देश फिलीस्‍तीन का साथ दे रहे हैं।
रूस समेत इस्‍लामिक देश फिलीस्‍तीन का साथ दे रहे हैं।

नई दिल्‍ली (एजेंसियां)। इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई के बढ़ने की आशंका गहरा गई है। तुर्की ने फिलीस्‍तीन के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा है कि इजरायल के खिलाफ सभी मुस्लिम देश एकजुट होकर जवाब दें। इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर से इजरायल के हवाई हमलों को जायज करार देते हुए कहा है कि उन्‍हें अपनी रक्षा करने का अधिकार है। इन दोनों देशों के बीच छिड़ी लड़ाई में अब अलग-अलग खेमे बंटते जा रहे हैं। रूस ने भी तुर्की का साथ देते हुए फलस्‍तीन का समर्थन किया है। जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस इजरायल के समर्थन में आ खड़े हुए हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक दुनिया के 57 इस्‍लामिक देशों के संगठन इस्‍लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने इजरायल से तत्‍काल गाजा पर हमले रोकने की अपील की है। इस संगठन की एक आपात बैठक रविवार को बुलाई गई थी जिसमें कई देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्‍सा लिया था। इस बैठक में पूर्वी येरुशलम को फलस्‍तीन का हिस्‍सा बताते हुए उसकी राजधानी भी बताया गया। तुर्की ने इजरायली हमलों को देखते हुए सभी इस्‍लामिक देशों से एकजुट होने का आह्वान किया है। साथ ही उन्‍होंने कहा कि वो अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों पर जरा भी विश्‍वास न करें, क्‍योंकि ये उनका साथ नहीं देने वाले हैं।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच छिड़ी इस लड़ाई ने आठवें दिन (दूसरे सप्‍ताह) में प्रवेश कर लिया है। इस बीच दोनों ही तरफ से किए जा रहे हमलों में कई नागरिकों की मौत हो चुकी है। पीटीआई के अनुसार रविवार को इजरायल द्वारा किए गए हमलों में गाजा में अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया समूह के ऑफिस समेत हमास के एक शीर्ष नेता के घर को भी उड़ा दिया गया। एएफपी के मुताबिक इस हमले में 44 से अधिक लोगों की जान गई है। ओआईसी ने इजरायल के इन हमलों को क्रूरतापूर्ण कार्रवाई बताया है। वर्चुअल रूप में हुई ओआईसी की बैठक में इजरायल द्वारा पवित्र शहर येरुशलम से फलस्‍तीनियों को भगाने की कार्रवाई की भी कड़े शब्‍दों में निंदा की गई है।

बैठक में शिरकत करते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सउद ने पूरी दुनिया से इस लड़ाई को बंद करवाने के लिए पहल करने की अपील की है। उन्‍होंने कहा है कि दोनों के बीच मसलों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए। हालांकि संगठन द्वारा जारी बयान से इतर मलेशिया, ब्रुनेई और इंडोनेशिया ने इस मसले पर अपने बयान अलग से जारी किए हैं। मलेशिया के शासक ने इस संबंध में तत्‍काल यूएन जनरल असेंबली की बैठक बुलाने का आह्वान किया है। वहीं सऊदी अरब, बहरीन और यूएई ने तुरंत सीजफायर करने की बात कही है। ओआईसी के मुताबिक इन हमलों में अब तक गाजा में 1200 से अधिक लोग हताहत हुए हैं जबकि करीब 200 लोगों की जान चली गई है।

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