विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केदारनाथ विकास प्राधिकरण के विरोध में अनशन करेंगे तीर्थ पुरोहित

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sun, 20 Aug 2017 09:36 AM (IST)Updated: Sun, 20 Aug 2017 08:36 PM (IST)

केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय लोग भी केडीए के विरोध में उतर आए हैं। तीर्थ पुरोहित 21 अगस्त से केदारपुरी में अनिश्चिकालीन अनशन शुरू करेंगे।

केदारनाथ विकास प्राधिकरण के विरोध में अनशन करेंगे तीर्थ पुरोहित
केदारनाथ विकास प्राधिकरण के विरोध में अनशन करेंगे तीर्थ पुरोहित

गुप्तकाशी(रुद्रप्रयाग),[जेएनएन]: केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय लोग भी केदारनाथ विकास प्राधिकरण (केडीए) के विरोध में उतर आए हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने स्थानीय जनता को विश्वास में लिए बगैर ही केडीए का गठन कर दिया। कहा कि यदि शासनादेश उनके खिलाफ हुआ तो 21 अगस्त से केदारपुरी में अनिश्चिकालीन अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

केदारपुरी में आयोजित तीर्थ पुरोहितों की बैठक में कहा गया कि स्थानीय लोग पूर्व से ही केदारनाथ विकास प्राधिकरण के गठन का विरोध करते आ रहे हैं। बीती 28 जुलाई को डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम ऊखीमठ के प्राधिकरण लागू न करने संबंधी मौखिक आश्वासन पर तीर्थ पुरोहितों व स्थानीय लोगों ने आंदोलन समाप्त कर दिया था। लेकिन गत 16 अगस्त को आयुक्त गढ़वाल मंडल दिलीप जावलकर और डीएम मंगेश घिल्डियाल ने केदार सभा को अवगत कराया कि केदारनाथ विकास प्राधिकरण का शासनादेश जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग पहुंच गया है। इससे स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश है। उनकी सरकार से मांग है कि यदि रविवार 20 अगस्त तक शासनादेश की प्रति तीर्थ पुरोहितों को उपलब्ध कराई जाए। यदि शासनादेश उनके हित में नहीं हुआ तो सोमवार 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

बैठक में श्री केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती, राहुल सेमवाल, उमेश पोस्ती, आनंद सेमवाल, प्रवीन तिवारी, रूपनारायण शुक्ला, दीनानाथ बाजपेई आदि तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय हक-हकूकधारियों ने भी भाग लिया। 

 

 PICS: उत्‍तराखंड में शराब का विरोध, म‍हिलाओं ने बंद करवायी कई दुकानें

यह भी पढ़ें: शराब के नशे में महिला ने ठेके पर किया हंगामा