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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुमाऊं राइफल्स के सौ साल पूरे, हर मोर्चे पर दिया अदम्य साहस का परिचय

By Sunil NegiEdited By:
Published: Mon, 23 Oct 2017 10:48 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 23 Oct 2017 08:57 PM (GMT+05:30)

भारतीय सेना की कुमाऊं बटालियन (अब तीन कुमाऊं राइफल्स) के सौ वर्ष पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रम हुए। 23 अक्टूबर ...और पढ़ें

कुमाऊं राइफल्स के सौ साल पूरे, हर मोर्चे पर दिया अदम्य साहस का परिचय
कुमाऊं राइफल्स के सौ साल पूरे, हर मोर्चे पर दिया अदम्य साहस का परिचय

पिथौरागढ़, [जेएनएन]: भारतीय सेना की कुमाऊं बटालियन (अब तीन कुमाऊं राइफल्स) के सौ वर्ष पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गौरवशाली 100 वर्षों के सफर में रेजीमेंट के जांबाजों ने अदम्य साहस और वीरता की एक से बढ़कर एक गाथा लिखी। प्रथम विश्व युद्ध से लेकर आज तक जांबाजों ने हर मोर्चे पर खुद को साबित ही नहीं किया, बल्कि कुमाऊंनी युवाओं की पहचान देश पर मर मिटने वाली लड़ाका कौम के रूप में बनाई। 

रविवार को रेजीमेंट के शतवर्षीय उत्सव में जांबाजी की कहानियों से हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इसकी स्थापना 23 अक्टूबर 1917 को अल्मोड़ा के सितोली गांव में लेफ्टिनेंट कर्नल इएम लैंग की अध्यक्षता में हुई थी। यह सेना की प्रथम पल्टन थी। यह बटालियन प्रथम विश्वयुद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, 1962 का भारत-चीन युद्ध, भारत-पाक 1948, 65 और 71 सहित आतंकविरोधी अभियान का हिस्सा रही है। कांगों में शांति बहाली के लिए तीन अप्रैल 2012 से एक अगस्त 2013 तक भाग लिया। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए फोर्स कमांडर यूनिट साइटेशन से सम्मानित हुई है।

रविवार को कार्यक्रमों की शुरुआत छह फीट लंबे कुमाऊंनी वीर योद्धा की प्रतीकात्मक प्रतिमा के लोकार्पण से हुई। इस दौरान वीर योद्धा स्थल द्वार का उद्घाटन सेवानिवृत्त मेजर जनरल डीएन सिंह और सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन गुलाब सिंह द्वारा फीता काट कर किया गया। 

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि काबीना मंत्री प्रकाश पंत, मेजर जनरल अनिल खोसला एवीएसएम, एसएम कर्नल सुधीर कुमार सिंह सीओ 3-कुमाऊं, मेजर रवींद्र राठौर, मेजर हिमांशु पंत आदि उपस्थित थे। शतवर्षीय कार्यक्रम के तहत देर शाम देव सिंह मैदान में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सोमवार को शतवर्षीय कार्यक्रम के मुख्य आयोजन होंगे। जिसमे सेना के बड़े अधिकारी भाग लेंगे।

 

कुमाऊं रायफल्स की उपलब्धियां

कुमाऊं राइफल्स को अब तक चार शौर्य चक्र, सेना मेडल 22, विशिष्ट  सेना मैडल 5, सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र 56, एम इन डी 18, उप सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र एक, आर्मी कमांडर प्रशंसा पत्र 39, अर्जुन पुरस्कार एक, परम विशिष्ट सेवा मैडल दो, कीर्ति चक्र  दो, पद्म श्री पुरस्कार एक, अति विशिष्ट सेवा मैडल चार, वीर चक्र 11 आजादी के बाद मिले। आजादी से पूर्व जार्ज क्रास एक , डीएसओ 2, एमसी 2 आईओएम एक, आइडीएसएम पांच, एनएसएम 6, एमइनडी 11 मिले थे। 

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