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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनसुनवाई में नहीं पहुंच सके जौलजीवी, बरम व तल्लाबगड़ के ग्रामीण

By JagranEdited By:
Published: Sat, 12 Aug 2017 01:00 AM (IST)

संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़ : मानसून काल में आयोजित की जा रही जनसुनवाई में डूब क्षेत्र के कई गांवों के ल

जनसुनवाई में नहीं पहुंच सके जौलजीवी, बरम व तल्लाबगड़ के ग्रामीण
जनसुनवाई में नहीं पहुंच सके जौलजीवी, बरम व तल्लाबगड़ के ग्रामीण

संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़ : मानसून काल में आयोजित की जा रही जनसुनवाई में डूब क्षेत्र के कई गांवों के लोगों के नहीं पहुंच पाने की आशंका सही साबित हुई। पिथौरागढ़-धारचूला मोटर मार्ग बाधित होने से ग्रामीण वापस घरों को लौट गए।

जिला मुख्यालय पर गुरुवार को पंचेश्वर परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों जनसुनवाई होनी थी। डूब क्षेत्र के ग्रामीण लगातार इसका विरोध करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का तर्क था कि बारिश के कारण जिले की अधिकांश सड़कें बंद पड़ी हैं, जिसके चलते गांवों के लोगों का निर्धारित समय पर जनसुनवाई में पहुंच पाना मुश्किल है। ग्रामीण गांवों में जनसुनवाई कराए जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी। मजबूर ग्रामीण अपनी बात रखने के लिए गुरुवार की सुबह अपने घरों से चले। जौलजीवी, तल्लाबगड़ और बरम आदि क्षेत्रों के लोगों के वाहन पहले लखनपुर में मलबा आने से फंस गए। एक घंटे बाद मार्ग खुला लेकिन ओगला के पास ग्रामीणों को फिर रुकना पड़ा। यहां सीमा सड़क संगठन द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। तीन घंटे इंतजार करने के बाद भी आगे की राह नहीं खुली तो कई ग्रामीण यहीं से लौट गए। अन्य ग्रामीण वाया नारायण नगर होते हुए अपराह्न एक बजे जिला मुख्यालय पर पहुंचे। सामाजिक कार्यकर्ता लीला बनग्याल ने कहा कि ग्रामीणों के वापस लौटने से इस जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं रह गया है। अधिकांश लोग अपनी बात नहीं रख पाए हैं। जनसुनवाई गांवों में कराई जाए ताकि लोग अपनी बात रख सकें।