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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हड़ताली कर्मचारियों से सख्ती से निपटेगी सरकारः सीएम

By BhanuEdited By:
Published: Tue, 28 Nov 2017 08:37 AM (IST)Updated: Tue, 28 Nov 2017 10:43 PM (IST)

उत्तराखंड में आए दिन कर्मचारियों की हड़ताल से सीएम त्रिवेंद्र रावत खिन्न नजर आए। कोटद्वार में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि हड़ताली कर्मियों से सरकार सख्ती से निपटेगी।

हड़ताली कर्मचारियों से सख्ती से निपटेगी सरकारः सीएम
हड़ताली कर्मचारियों से सख्ती से निपटेगी सरकारः सीएम

कोटद्वार, [जेएनएन]: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आए दिन राज्य में हो रही कर्मचारियों की हड़तालों से खिन्न दिखे। कोटद्वार में आयोजित जनसभा में उन्होंने जनता से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा 'आप लोगों का सहयोग रहा तो सरकार विकास के दृष्टिगत हड़तालियों से सख्ती से निपटेगी।' उन्होंने कहा कि हड़ताल विकास में बाधक है और उत्तराखंड को हड़ताली राज्य नहीं बनने दिया जाएगा।

मॉडल मांटेंसरी मैदान में  जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा सरकार सभी का ध्यान रखेगी, लेकिन मांग मनवाने के लिए हड़ताल जैसा कदम उठाना पूरी तरह गैरवाजिब है। उत्तराखंड की पहचान देश में सबसे ईमानदार मानव संसाधन वाले प्रदेश की है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि हम व्यावसायिक सोच विकसित नहीं कर पाए हैं। नतीजा, प्रकृति की बख्शी नेमतों का हम दोहन नहीं कर पा रहे हैं। 

इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सीएम पहाड़ के विकास की सोच रखते हैं, इस कारण वह उनके मुरीद हैं। कहा कि मेरी कोई राजनैतिक महत्वाकांक्षा नहीं, लेकिन पहाड़ के विकास की सोच रखने वाले के साथ हमेशा खड़ा रहूंगा। 

एक दिन में साफ होगी रिस्पना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए वृहद योजना बनाई है। इसके तहत अलग-अलग स्थानों पर झीलों का निर्माण किया जाएगा। कहा कि सरकार देहरादून में रिस्पना नदी को एक दिन में हेड टू टेल तक न सिर्फ साफ करेगी, बल्कि रिस्पना के प्राकृतिक स्रोतों का भी संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि अपने-अपने क्षेत्रों के नदी-नालों की सफाई कर प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण करें। 

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