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पहाड़ में स्वास्थ्य विभाग खुद ही बीमार

Publish Date:Mon, 20 Mar 2017 01:01 AM (IST) | Updated Date:Mon, 20 Mar 2017 01:01 AM (IST)
पहाड़ में स्वास्थ्य विभाग खुद ही बीमारपहाड़ में स्वास्थ्य विभाग खुद ही बीमार
संवाद सूत्र, गरमपानी : पिछली सभी सरकारों में अंतिम गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का दावा

संवाद सूत्र, गरमपानी : पिछली सभी सरकारों में अंतिम गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया। मगर पर्वतीय अंचल में हालात उलट हैं। ताड़ीखेत से सटा बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लचर चिकित्सा सेवा का ताजा उदाहरण है। राज्य गठन के डेढ़ दशक बाद भी यहां मानक के अनुरूप डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। फिलहाल पूरा अस्पताल एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा जबकि यहां आठ पद सृजित हैं। नतीजा सीएचसी रेफर सेंटर बन चुका है।

30 से ज्यादा गांवों के बाशिंदे सीएचसी बेतालघाट पर निर्भर हैं। इनमें अंतरजनपदीय सीमा पर ताड़ीखेत ही नहीं नैनीताल जनपद के बेतालघाट ब्लॉक के मरीज भी इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। नियमानुसार यहां आठ डॉक्टरों के पद सृजित हैं। मगर एक ही तैनात हैं, शेष सात पद रिक्त हैं। अस्पताल में बाल रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं। जबकि ये दोनों चिकित्सक ही मुख्य हैं। लैब तकनीशियन न होने से रक्त संबंधी जांच नहीं हो पाती। अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को कई किमी दूर खैरना के चक्कर काटने पड़ते हैं।

ये गाव निर्भर हैं सीएससी बेतालघाट पर

आमेल, तल्ला व मल्ला सेठी, घोड़िया टापू, काडा फफड़िया, बिसगुली, गजार, तौराण, कालाखेत, पाली, घिरोली, तिवाड़ी़ गाव, कालाखेत, सौनली, चंद्रकोट, खैराली, खोला, डाबर, बेतालघाट खास

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सीएचसी बेतालघाट में चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। चिकित्सक उपलब्ध होते ही बेतालघाट सीएचसी में प्राथमिकता से चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी।

- डॉ. एलएम उप्रेती, सीएमओ नैनीताल

क्या कहते हैं लोग

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर सेंटर बन चुके हैं। तमाम गावों के लोग चिकित्सक ना होने से परेशानी उठाते आ रहे हैं। कई बार चिकित्सकों की तैनाती की माग उठाई जा चुकी है मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

- बंशी बेलवाल, घोड़िया हलसों गांव

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स्वास्थ्य विभाग उक्त अस्पताल की सुध नहीं ले रहा है। डॉक्टरों के अभाव में लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा। यदि शीघ्र ही समुचित मात्रा में डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई तो आदोलन किया जाएगा।

- महेंद्र रावत

स्वास्थ्य मंत्री तक को बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी जा चुकी है। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। अस्पताल में चिकित्सक ना होने से तमाम गाव के लगभग 20,000 से ज्यादा लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

- शेखर दानी, अध्यक्ष व्यापार मंडल बेतालघाट

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पूर्व में आदोलन भी किया जा चुका है, पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। यदि शीघ्र सीएचसी पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई तो छात्र संघ पुन: आदोलन करेगा। और इसका जिम्मेदार विभाग ही होगा।

- अमित जलाल, अध्यक्ष छात्र संघ बेतालघाट महाविद्यालय

बाल रोग विशेषज्ञ न ही सर्जन

गरमपानी : पीपीपी मोड से चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी की हालत भी ठीक नहीं है। पिछले तीन माह से अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ व र्सजन नहीं है। इससे जरूरतमंद परेशान हैं। यही नहीं अस्पताल से लोगों को समुचित मात्रा में दवाएं भी नहीं मिल रही हैं जिस कारण उनमें गहरा आक्रोश है। यह हाल तब है जब शील अस्पताल पर अल्मोड़ा व नैनीताल दो जिलों के सीमावर्ती गांवों के हजारों लोग निर्भर हैं।

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बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन की तैनाती के लिए शील प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन की तैनाती की जाएगी। स्टोर से जितनी दवाइया उपलब्ध हो रही हैं वह मरीजों को बाटी जा रही हैं।

- डॉ. सतीश पंत, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी गरमपानी

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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