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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खनन के विरोध में स्वामी शिनानंद बैठे धरने पर

By bhanuEdited By:
Published: Wed, 20 May 2015 01:05 PM (IST)Updated: Wed, 20 May 2015 02:30 PM (IST)

जिला प्रशासन की ओर से गंगा क्षेत्र में खनन पर रोक लगाने के बावजूद मातृ सदन ने खनन के विरोध ...और पढ़ें

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हरिद्वार। जिला प्रशासन की ओर से गंगा क्षेत्र में खनन पर रोक लगाने के बावजूद मातृ सदन ने खनन के विरोध में आंदोलन को तेज कर दिया। गंगा में अवैध खनन का आरोप लगाते हुए मातृसदन के प्रमुख स्वामी शिवानंद सरस्वती बिशनपुर में धरने पर बैठ गए। वहीं खनन करने वाले श्रमिक और उनके परिजन स्वामी शिवानंद के खिलाफ सामने आ गए और प्रदर्शन करने लगे। तनावपूर्ण स्थिति होने पर पुलिस भी मौकेै पर पहुंच गई। वहीं डीएम एवं खनन निदेशक के निलंबन की मांग को लेकर सदन के साधू आत्म बोधानंद का अनशन पांचवे दिन भी जारी रहा।

बुधवार की सुबह करीब 11.30 बजे स्वामी शिवानंद बिशनपुर पहुंचे और प्रशासन पर रोक के बावजूद खनन कराने का आरोप लगाते हुए गंगा किनारे ही धरने पर बैठ गए। स्वामी शिवानंद सरस्वती खनन क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। सूचना पर पथरी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्वामी शिवानंद का कहना है कि अवैध खनन पर प्रतिबंध सिर्फ कागजों में ही नजर आ रहा है। हकीकत में गंगा तटों पर खनन जारी है। वहीं, डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि खनन पर रोक लगी हुई है, जो खनन करेगा उस पर कडी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, स्वामी शिवानंद सरस्वती के धरने के विरोध में खनन में लगे श्रमिकों के परिजन, महिलाएं बच्चे मौके पर एकत्र हो गए और उनके खिलाफ नारे लगाने लगे। उन्होंने स्वामी शिवानंद सरस्वती पर उनके परिवार की रोजी-रोटी छिनने का आरोप लगाया।

उधर, मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन (तप) मंगलवार को पांचवे दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के राजाजी पार्क क्षेत्र में खनन पर रोक लगाने के बाद भोगपुर क्षेत्र में भी खनन बंद होना तय है। उनका तप तब तक जारी रहेगा, जब तक डीएम व निदेशक खनन पर कार्रवाई नहीं हो जाती।

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