विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पर्यटन क्षेत्र में सौ मिलियन डॉलर से अधिक निवेश

By Sunil NegiEdited By:
Published: Tue, 19 Sep 2017 04:03 PM (IST)Updated: Tue, 19 Sep 2017 08:54 PM (IST)

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रदेश की नई पर्यटन नीति तैयार है। इसमें निवेशक भी उत्तराखंड में निवेश करने को प्रेरित होंगे।

पर्यटन क्षेत्र में सौ मिलियन डॉलर से अधिक निवेश
पर्यटन क्षेत्र में सौ मिलियन डॉलर से अधिक निवेश

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड में पर्यटन के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अब देशी व विदेशी निवेशकों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी है। इस कड़ी में मुंबई व अमेरिका के दो निवेशकों ने रोप वे निर्माण, हेरिटेज डेवलपमेंट, लेक डेवलपमेंट, वेलनेस एंड योग डेवलपमेंट व कनवोकेशन सेंटर निर्माण के क्षेत्र में 100 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है। जल्द ही प्रदेश सरकार इनसे विस्तृत चर्चा कर इस दिशा में कदम आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा पर्यटन विभाग बर्ड वाचिंग को बढ़ावा देने की भी तैयारी कर रहा है। 

सोमवार को पर्यटन विकास परिषद के मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रदेश की नई पर्यटन नीति तैयार है। इसमें निवेशक भी उत्तराखंड में निवेश करने को प्रेरित होंगे। इस दौरान बोका कम्यूनिकेशंस इन ग्लोबल कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड, इंडिया के श्रीनायक चड्ढा ने कहा कि उनकी कंपनी उत्तराखंड में सौ मिलियन डॉलर का निवेश करना चाहती है। 

उनकी कंपनी रोप वे, टिहरी में लेक डेवलपमेंट, रिजॉर्ट डेवलपमेंट, हेरिटेज डेवलपमेंट, योग एवं वेलनेस यूनिवर्सिटी और विंटर डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहती है। यदि कंपनी को यहां अपेक्षित सहयोग मिला तो निवेश की राशि एक बिलियन अमेरिकन डॉलर तक बढ़ाई जा सकती है। 

शशि कॉरपोरेशन, कैलिफोर्निया के विपेश गुप्ता ने कहा कि उनकी कंपनी उत्तराखंड में वेलनेस हॉस्पिटेलिटी विद योग और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करने की इच्छुक है। स्पेन की फीरा बार्सिलोना के रिकॉर्डो ने कहा कि उनकी कंपनी उत्तराखंड में कनवोकेशन सेंटर की डीपीआर बनाने और चलाने की इच्छुक है। वे मोरक्को, मोंट्रियल व क्यूबा में कनवोकेशन सेंटर चला रहे हैं।

 पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि अभी उत्तराखंड विदेशी पर्यटकों की आमद के लिहाज से 17 वें नंबर पर है। इसे टॉप टेन में लाने की कोशिश है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के लिए अधिक पर्यटक आते हैं। इनमें से भी अधिकांश बुजुर्ग हैं। सरकार इसी कारण विंटर टूरिज्म को अधिक बढ़ावा दे रही है। युवाओं को लुभाने के लिए अब प्रचार प्रसार में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाएगा। 

 विभाग की मंशा बर्ड वाचिंग का बाजार बढ़ाने की है। इसके लिए विदेशों से आने वाले बर्ड वाचर्स को आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए रामनगर व विकासनगर के आसन बैराज क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पांच अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक हरिद्वार में सांस्कृतिक पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत प्रतिदिन यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।  

बीटल्स की याद में कार्यक्रम का होगा आयोजन

पर्यटन मंत्री ने कहा कि विश्वप्रसिद्ध बीटल्स ग्रुप के भारत में आने के 50 वर्ष पूरे होने पर रिमेंबरिंग बीटल्स कार्यक्रम का आयोजन वर्ष 2018 में किया जाएगा। प्रदेश सरकार उनकी यादों को भी सहेजना चाहती है। केंद्र से इसके लिए अनुरोध किया जा रहा है कि इसे विरासत के रूप में मान्यता दी जाए। प्रदेश सरकार भी इसके रखरखाव की दिशा में कार्य करेगी। 

विंटर गेम्स नहीं करते तो लाइसेंस हो जाता निरस्त

पर्यटन मंत्री ने कहा कि औली में 200 करोड़ रुपये खर्च कर आधारभूत ढांचा खड़ा किया गया। इसका रखरखाव बिल्कुल नहीं हुआ। स्थिति यह बन गई थी कि यदि 2017 में विंटर गेम्स का आयोजन नहीं होता तो इसके लिए सरकार को मिला लाइसेंस निरस्त हो जाता। यही कारण है कि दिसंबर व जनवरी में विंटर गेम्स कराए जा रहे हैं।

 

 

 यह भी पढ़ें: शाह के दौरे को लेकर सरकार और संगठन के छूट रहे पसीने 

यह भी पढ़ें: दून में 19 से अमित शाह का 38 घंटे का प्रवास, कई कार्यक्रम