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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नीट के अभ्यर्थियों को तीन अटेम्प्ट की सीमा पर सीबीएसई ने दी राहत

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 04 Feb 2017 03:12 PM (IST)Updated: Sun, 05 Feb 2017 06:35 AM (IST)

नीट में तीन अटेम्प्ट की सीमा पर छात्रों को राहत मिल गई है। पूर्व में एआइपीएमटी-नीट दे चुके छात्रों के ...और पढ़ें

नीट के अभ्यर्थियों को तीन अटेम्प्ट की सीमा पर सीबीएसई ने दी राहत
नीट के अभ्यर्थियों को तीन अटेम्प्ट की सीमा पर सीबीएसई ने दी राहत

देहरादून, [जेएनएन]: मेडिकल क्षेत्र में कॅरियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए राष्ट्रीय अर्हता प्रवेश परीक्षा (नीट) से जुड़ी एक अच्छी खबर है। एग्जाम में तीन अटेम्प्ट की सीमा पर छात्रों को बड़ी राहत मिल गई है।

पूर्व में एआइपीएमटी-नीट दे चुके छात्रों के वह अटेम्प्ट अब नहीं गिने जाएंगे, बल्कि इस बार का अटेम्प्ट ही उनका पहला मौका माना जाएगा। इस निर्णय से उन छात्रों को बड़ा सुकून मिला है जो नीट के नए नियम के बाद दौड़ से ही बाहर हो गए थे।

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नीट-2017 के नियमों के मुताबिक, अब सिर्फ 17 से 25 साल तक के छात्र ही परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। साथ ही, अब छात्र तीन बार ही परीक्षा दे पाएंगे। वहीं, अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र पांच साल की छूट के साथ 30 साल तक परीक्षा दे सकेंगे, लेकिन उन्हें भी परीक्षा सिर्फ तीन बार ही देनी है।

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इस नियम के खिलाफ देशभर में विरोध के स्वर उठने लगे थे। दिक्कत यह थी कि छात्रों के पुराने अटेम्प्ट भी इसमें जोड़ दिए गए, जिससे उनके सामने चुनौती पैदा हो गई। जो पहले ही दो या तीन बार परीक्षा दे चुके हैं, एकाएक इस फरमान से उनका भविष्य अंधकारमय हो गया था।

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बलूनी क्लासेज के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी ने बताया कि उक्त नियम ने कई छात्रों का चांस ही खत्म कर दिया था। अब नीट की संशोधित अधिसूचना में स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। छात्रों का यह पहला ही अटेम्प्ट गिना जाएगा।

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