यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनटीपीसी ने ढाक गांव में काटे 150 हरे पेड़, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
जल विद्युत परियोजना निर्माण के नाम पर एनटीपीसी ने ढाक गांव की वन पंचायत भूमि से 150 से भी अधिक ...और पढ़ें

जोशीमठ, [जेएनएन]: जल विद्युत परियोजना निर्माण के नाम पर एनटीपीसी ने ढाक गांव की वन पंचायत भूमि से 150 से भी अधिक हरे पेड़ काट दिए। आक्रोशित ग्रामीणों ने एनटीपीसी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासन से भी इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है।
जोशीमठ में एनटीपीसी 520 मेगावाट की तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना का निर्माण कर रही है। परियोजना का निर्माण ढाक गांव की वन पंचायत भूमि से होकर किया जा रहा है। ढाक के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के एलाड़ तोक में उन्होंने 20 वर्ष पूर्व जंगल उगाना शुरू किया था। वर्तमान में यहां हरा भरा जंगल उग गया था। इस जंगल की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों ने बाकायदा एक चौकीदार भी नियुक्त किया था।
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ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना निर्माण के दौरान बिना उन्हें विश्वास में लिए एनटीपीसी ने चीड़, बुरांश, पैंया आदि के 150 से अधिक हरे पेड़ काट दिए हैं। नाराज ग्रामीणों ने एलाड़ तोक में एनटीपीसी के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही तहसील प्रशासन से भी इसकी लिखित शिकायत कर एनटीपीसी पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी पेड़ काटने का काम रात के अंधेरे में कर रही है।
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जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों को काटा जाना अपराध है। वह स्वयं सोमवार को मौके पर जाएंगे। एनटीपीसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान धर्मपाल बजवाल, कल्पेश्वरी देवी, पूर्व प्रधान मोहन लाल बजवाल, राकेश लाल, बिछना देवी, पुष्कर लाल, रुकमणि देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य विद्या देवी, देवेंद्र लाल, रेखा देवी, दुर्गा देवी समेत कई ग्रामीण शामिल थे।