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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भूस्‍खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद, 25 हजार तीर्थयात्री फंसे

By Sunil NegiEdited By:
Published: Fri, 19 May 2017 05:32 PM (IST)Updated: Sat, 20 May 2017 05:06 AM (IST)

चमोली में विष्णुप्रयाग के नजदीक हाथीपहाड़ में भूस्‍खलन से बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया है। इससे करीब 15 हजार यात्री ...और पढ़ें

भूस्‍खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद, 25 हजार तीर्थयात्री फंसे
भूस्‍खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद, 25 हजार तीर्थयात्री फंसे

जोशीमठ, [जेएनएन]: शुक्रवार को विष्णुप्रयाग के नजदीक हाथीपहाड़ में पहाड़ी से मलबा हाईवे पर आ गिरा। इससे सड़क का 50 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हाथीपहाड़ में दोपहर बाद पहाड़ी से पत्थर गिरने के चलते प्रशासन ने पहले ही दोनों ओर वाहनों को रोका दिया था। मार्ग बंद होने से बदरीनाथ धाम में तकरीबन 15 हजार यात्री फंसे हुए हैं, जबकि बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को भी अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया गया। इनकी संख्या करीब 10 हजार बतायी जा रही है। हाईवे के शनिवार तक खुलने की संभावना है।

चमोली जिले में बीते एक पखवाड़े से दोपहर बाद बारिश का सिलसिला जारी है। अब यह बारिश मुसीबत का सबब बनती जा रही है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2016 में उभरा हाथीपहाड़ भूस्खलन जोन मुसीबत बनता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर बाद हाथीपहाड़ में चट्टान से हाईवे पर पत्थर गिरने शुरू हो गए थे। जिसके बाद प्रशासन ने 2:30 बजे यात्री वाहनों को हाथीपहाड़ के दोनों ओर रोक दिया। 

दोपहर करीब 3:25 बजे वहां पर भारी भरकम चट्टान गिरने से हाईवे का करीब 50 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस समय हाथीपहाड़ में दोनों छोर पर 500 से अधिक छोटे बड़े वाहन खड़े हैं। हाईवे बाधित होने के बाद प्रशासन ने यात्रा रोक दी है। बदरीनाथ धाम में पहुंचे यात्रियों को फिलहाल वहीं रुकने के लिए कहा गया है, जबकि बदरीनाथ जाने वाले यात्रियों को जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली आदि यात्रा पड़ावों पर रोका गया है। हाथीपहाड़ से बदरीनाथ की ओर फंसे यात्रियों को प्रशासन ने गोविंदघाट गुरुद्वारे में ठहराने की व्यवस्था की है। 

प्रशासन के निर्देशों पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यात्रियों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की है। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि गुरुद्वारे में ठहरने व खाने की पर्याप्त व्यवस्था है।

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