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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चार मिनट के संघर्ष में महिला ने तेंदुए को भागने को किया मजबूर

By BhanuEdited By:
Published: Wed, 09 Dec 2015 09:29 AM (IST)Updated: Wed, 09 Dec 2015 02:03 PM (IST)

हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे से सटे कैंची गांव में तेंदुए ने महिला पर हमला बोल दिया। हिम्मत हारने के बजाय महिला भी ...और पढ़ें

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे से सटे कैंची गांव में तेंदुए ने महिला पर हमला बोल दिया। हिम्मत हारने के बजाय महिला भी आत्मरक्षा के लिए भिड़ गई। मौका पाकर मदद के लिए चीखी चिल्लाई भी। इससे अन्य ग्रामीण बचाने पहुंच गए। मगर तब तक पंजों के वार से तेंदुआ महिला को बुरी तरह जख्मी कर चुका था। उसे गंभीर हालत में सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
कैंची गांव निवासी मनीराज की 55 वर्षीय पत्नी भगवती देवी घर के पास ही घास काटने गई थी। तभी झाडिय़ों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। संयोग से महिला झपटने से पहले ही संभल गई और चिल्लाती हुई तेंदुए से भिड़ गई।
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार मिनट तक भगवती देवी खुद को पंजों व दांतों के वार से बचाती रही। इसके बावजूद महिला बुरी तरह घायल हो चुकी थी। इस बीच शोर सुनकर लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर तेंदुए को हांका।

इससे तेंदुआ लहूलुहान भगवती देवी को छोड़ जंगल की ओर निकल गया। ग्रामीणों ने उसे गंभीर हालत में सीएचसी स्थित शील हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इधर पूर्व प्रधान पवन कुमार ने गांव में पिंजरा लगाने व मुआवजे की मांग उठाई है।
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