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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्य बांध के एरिया को प्रशासन ने किया प्रतिबंधित

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Published: Tue, 23 Dec 2014 08:09 PM (IST)

दुद्धी (सोनभद्र) : कनहर सिंचाई परियोजना मुख्य बांध के स्पेल-वे निर्माण में किसी प्रकार का व्यवधान उत

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दुद्धी (सोनभद्र) : कनहर सिंचाई परियोजना मुख्य बांध के स्पेल-वे निर्माण में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन ने उस क्षेत्र की यातायात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया। सुंदरी, कोरची, भीसूर समेत अन्य डूब क्षेत्र के ग्रामीणों की सुविधा के लिए पांगन नदी तट से सुगवामान होते हुए एक नया रास्ता बना दिया गया। पुराने रास्ते व पांगन-कनहर संगम तट के बीच लगभग पांच किमी एरिया में कंटीले तार का बाड़ लगाकर पूरी तरह से घेर दिया गया।

मौके पर सोमवार को उपस्थित एसडीएम अभय कुमार पांडेय व सीओ ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल होने के साथ ही भारी भरकम मशीनों व वाहनों से दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। इसको देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से ऐसा निर्णय लिया गया है।

कार्य में गति लाने के लिए लगातार हो रही हैं बैठकें

दूसरी ओर सिंचाई महकमा भी कार्यदायी संस्था के साथ लगातार बैठक कर मुख्य बांध की बुनियाद का काम बारिश होने के पूर्व तक फाइनल करने के लिए लगातार रणनीति के साथ मौके पर मशीनों की संख्या में इजाफा करने पर जोर दिया जा रहा है।

कनहर परियोजना एक नजर में परियोजना के अधिशासी अभियंता विजय कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि मुख्य बांध की ऊंचाई पूर्व की भांति 39.90 मीटर व चौड़ाई 3.24 किमी है। इससे 0.15 मिलियन एकड़ फिट जल उपयोग कर 121 किमी मुख्य नहर एवं 190 किमी लंबे राजवाहों के माध्यम से इलाके के कुल 35467 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उत्तर प्रदेश के 108 गांवों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा जबकि क्षेत्र के जलस्तर में सुधार होने के साथ ही पड़ोसी प्रांतों को भी इसका लाभ मिलेगा।

एक जनवरी से शुरू होगी प्लाट आवंटन की प्रक्रिया

उपजिलाधिकारी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि डूब क्षेत्र के जो भी ग्रामीण नए विस्थापन नीति के तहत आंशिक धनराशि का चेक ले चुके है,उन्हे आगामी एक जनवरी से उनके प्लाट आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसी के साथ उस तिथि को शीर्ष अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थित में विस्थापितों के लिए भूमि पूजन का काम भी होगा। आवंटन प्रकिया पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पूरी की जाएगी।