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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लेखा कार्यालय यहां 'साहब' बैठते वहां

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Published: Thu, 26 Jun 2014 11:09 PM (IST)

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श्रावस्ती: नवनिर्मित बीएसए कार्यालय में लगभग तीन माह पूर्व से बेसिक शिक्षा विभाग के सभी कार्यो का संचालन किया जा रहा है। अपना चमाचम भवन होने के बावजूद भी विभाग के लेखाधिकारी पूर्व के किराए के ही भवन में अपना कार्यालय चला रहे हैं। लेखाधिकारी जूनियर हाईस्कूल परिसर में बैठते हैं तो उनके दो लिपिक बीएसए कार्यालय में बैठक कर कार्य निपटाते हैं। लेखाधिकारी के यहां न बैठने से दूर-दराज से आने वाले पेंशनर व पारिवारिक लाभ तथा जीपीएफ के लाभार्थियों को दो स्थानों पर कार्यालय चलने से दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।

दिन- गुरुवार

समय-अपरान्ह 1:15 बजे

बीएसए कार्यालय में स्थित लेखाधिकारी का कक्ष में लटक रहा ताला। बीएसए कार्यालय जहां गुलजार था वहीं लेखा विभाग में सन्नाटा पसरा था। दो लिपिक उमस भरी गर्मी में बैठे पंखे की हवा के बीच ऊंघ रहे थे। लेखाधिकारी मौजूद नहीं थे। यहां मौजूद कुछ कर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 'साहब' यहां नहीं जूनियर हाईस्कूल भिनगा परिसर में स्थित पुराने कार्यालय में ही बैठते हैं। श्रावस्ती जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत कार्यालय के पीछे बेसिक शिक्षा अधिकारी का कार्यालय स्थित है। लगभग तीन माह पूर्व पुराने भवन को छोड़कर विभाग के सभी कर्मी यहीं सिफ्ट होकर कार्यभार शुरू कर दिया है। इसके बावजूद बेसिक विभाग के लेखाधिकारी अभी तक पुराने भवन में ही कार्यो का संचालन कर रहे हैं। लेखाधिकारी कक्ष में ताला लटकता रहता है। इससे पेंशन, पारिवारिक लाभ, जीपीएफ, स्वीपर व दाई मानदेय समेत अन्य कार्यो के लिए लाभार्थी लिपिक कार्य के लिए नए भवन में आते हैं और 'साहब' से हस्ताक्षर करवाने के लिए लगभग तीन किमी दूर स्थित पुराने लेखाधिकारी कार्यालय में जाते हैं। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह का कहना है कि लेखाधिकारी के लिए कक्ष एलाट कर दिया गया है। मौखिक रूप से नए भवन में बैठने के लिए कई बार कहा भी जा चुका है। अगर लेखाधिकारी आदेश पर अमल नहीं करते हैं तो डीएम को लिखा-पढ़ी की जाएगी।