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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाइयों को राखी बांध लिया रक्षा का वचन

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Published: Wed, 21 Aug 2013 05:36 PM (IST)Updated: Wed, 21 Aug 2013 06:58 PM (IST)

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शाहजहांपुर : शहर एवं ग्रामीण इलाके में रक्षा बंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाइ पर राखी बांधी। मस्तक पर रोली-अक्षत का तिलक लगाया और आरती उतारी। भाइयों ने बदले में उपहार देकर बहन को रक्षा करने का वचन दिया। सुबह आठ बजे के बाद रक्षा बंधन का सिलसिला शुरू हो गया था जो देर रात्रि तक चलता रहा।

किसी कारण वश यदि भाइयों के घर बहनें नहीं पहुंच सकीं तो भाई बहनों के घर राखी बंधवाने के लिए चले गए। कुछ भाई जो रक्षा बंधन पर बहन के यहां नहीं पहुंच सकते थे तो बहन ने पहले ही मिठाई व राखी भेज दी थी। रक्षा बंधन पर अधिकांश बाजार बंद था, लेकिन जहां भी दुकानें खुलीं थीं वहां पर रौनक थी। रेशमी, सूती व चांदी की राखियों की अधिक बिक्री हुई। त्योहार के कारण मिठाई की दुकानों को सजाया गया था। अन्य दिनों की अपेक्षा कुछ मिठाइयों को छोड़कर बाकी के दाम यथावत रहे। सबसे अधिक बिक्री बर्फी की हुई। मिठाई 200 रुपए से लेकर 1600 रुपए प्रति किलो तक बिकी। शहर की सड़कों, गलियों व घरों में सुबह से रक्षा बंधन की खुशी झलक रही थी। बहनें हाथों में मिठाई का डिब्बा लेकर भाइयों के घरों को जा रही थीं तो कई भाई राखी बंधवाने के लिए बहनों का इंतजार कर रहे थे। दुकानदारों ने डिब्बे के रूप में ग्राहकों को चूना भी लगाया।

घरों में बनाए गए पकवान

रसेदार, सूखी सब्जियों के साथ ही पूड़ी-कचौड़ी, दही-बड़ा, सलाद, चावल और छोला आदि बनाया गया। विशेष पकवान के रूप में सिंवई आदि भी बनाई गई।

भोले बाबा को बांधीं राखियां

शहर के प्रसिद्ध बाबा विश्वनाथ मंदिर में शिव परिवार को विशेष रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने बाबा की कृपा पाने के लिए पूजन-अर्चन के बाद राखियां बांधीं। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

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