यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तकनीक से लैस होगी आरपीएफ बचेगी भागदौड़, मिलेगी सुविधा

जागरण संवाददाता, पीलीभीत
रेलवे पटरी आदि पर मिलने वाले शव या चलती ट्रेनों से गिरने वाले लोगों संग होने वाले हादसों की तफ्तीश में अब आरपीएफ को कुछ राहत मिल सकती है। दरअसल इज्जतनगर रेल मंडल की सभी आरपीएफ पोस्ट से डिमांड लेकर मंडल कार्यालय भेजी गई है ताकि सभी थाने अत्याधुनिक तकनीक से लैस हो सकें।
पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर गत दिनों पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर से आए महाप्रबंधक केके अटल ने यहां निरीक्षण किया था। उस वक्त ही यह बात उठी थी कि आरपीएफ के थाने अपडेट नहीं हैं। यहां अब भी कागजों पर पूरी प्रक्रिया है और आरपीएफ जवानों को तमाम तरह की जांच आदि के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस कारण जांच में विलंब होता है और पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है। जीएम केके अटल ने इस बारे में कमांडेंट से भी जानकारी ली थी। इसके बाद अब जीएम के दौरे का असर दिखने लगा है। सभी आरपीएफ पोस्ट से जानकारी लेकर मंडल मुख्यालय के जरिए गोरखपुर को कंप्यूटर की डिमांड भेज दी गई है। कंप्यूटर मिलने के बाद पूरा डाटा ऑन लाइन हो जाएगा और जांच पड़ताल के लिए निरर्थक दौड़ धूप नहीं होगी। साथ ही महज एक क्लिक पर दूर दराज के जिलों से समन्वय स्थापित कर पूरी डिटेल ली जा सकेगी। पीलीभीत में आरपीएफ पोस्ट ने दो कम्प्यूटर मांगे हैं।