PreviousNext

अब हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो की बारी

Publish Date:Wed, 01 Oct 2014 04:49 PM (IST) | Updated Date:Wed, 01 Oct 2014 04:49 PM (IST)
धर्मेद्र चंदेल, ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो लाने का रास्ता साफ होने के बाद प्राधिकरण अब

धर्मेद्र चंदेल, ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो लाने का रास्ता साफ होने के बाद प्राधिकरण अब हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो को लाने में जुट गया है। हालांकि, इसके लिए पिछले वर्ष योजना तैयार की गई थी, लेकिन नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो लाने के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी न मिलने के कारण हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो का काम भी अटक गया था। अब शासन ने मंगलवार को मेट्रो के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा को एनसीआर के अन्य शहरों से जोड़ने के लिए प्राधिकरण ने हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो (एचएससीएम) शुरू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के पास से अलग ट्रैक बनाया जाना है। इसे बोड़ाकी से शुरू कर बदरपुर होते हुए दिल्ली एयरपोर्ट तक ले जाया जाएगा है। इस ट्रैक से ग्रेटर नोएडा से दिल्ली एयरपोर्ट तक की दूरी चालीस मिनट में पूरी की जा सकेगी। फिलहाल सड़क मार्ग से एयरपोर्ट पहुंचने में दो से ढाई घंटे लग जाते हैं। ट्रैक का निर्माण फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) के साथ एलिवेटेड होगा। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से होते हुए हाई स्पीड मेट्रो कोंडली गांव के पास से बदरपुर पहुंचेगी। कोंडली गांव के पास यमुना नदी पर पुल का निर्माण होगा। बदरपुर से गुड़गांव होते हुए हाईस्पीड मेट्रो एयरपोर्ट पहुंचेगी। बदरपुर के पास हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो के ट्रैक को फरीदाबाद जाने वाले मेट्रो ट्रैक से भी जोड़ा जाएगा। इससे फरीदाबाद जाना भी आसान हो जाएगा।

पांच जगह बनेंगे स्टेशन

ग्रेटर नोएडा से दिल्ली एयरपोर्ट तक हाईस्पीड मेट्रो जगह-जगह नहीं रुकेगी। इसके ठहराव के लिए सिर्फ पांच स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे। पहला स्टेशन बोड़ाकी, दूसरा परीचौक, तीसरा बदरपुर, चौथा गुड़गांव व पांचवां और अंतिम स्टेशन एयरपोर्ट होगा।

160 की रफ्तार से दौड़ेगी मेट्रो

मेट्रो की सामान्य रफ्तार 90 किमी प्रति घंटा होती है, जबकि हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भरेगी।

डीपीआर बनाने की प्रक्रिया हो चुकी है शुरू

हाईस्पीड मेट्रो के ट्रैक निर्माण के लिए प्राधिकरण ने दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रीयल कारीडोर (डीएमआइसी) को प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का समझौता कर चुका है। डीएमआइसी ने डीपीआर बनाने पर काम भी शुरू कर दिया है। प्राधिकरण का दावा है कि दिसंबर के अंत तक रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी।

डीएमआइसी भी देगा फंड

हाईस्पीड कनेक्टिविटी मेट्रो के लिए डीएमआइसी भी फंड देगा। दरअसल डीएमआइसी बोड़ाकी और अजायबपुर रेलवे स्टेशन के बीच इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप बन रहा है। इसमें 12 लाख लोग काम करेंगे। इन लोगों की सुविधा के लिए हाईस्पीड मेट्रो को बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा, ताकि इंडस्ट्रियल टाउनशिप में काम करने वाले लोग आसानी से अपने गंतव्य पर पहुंच सके।

हाईस्पीड मेट्रो के सपने को भी प्राधिकरण पूरा करेगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाए गए हैं। शहर वासियों को शीघ्र अच्छी खबर सुनने को मिलेगी। इससे ग्रेटर नोएडा में आबादी भी बढ़ेगी। प्राधिकरण की कोशिश यहां के निवासियों को अच्छी परिवहन सेवा देना है।

-रमा रमण, चेयरमैन व सीईओ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

    कमेंट करें

    अनियंत्रित कैंटर टकराया शेल्टर से, तीन घायलग्रेटर नोएडा डिपो को मिले 22 नए परिचालक
    यह भी देखें

    संबंधित ख़बरें