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    आकाशवाणी पर गूंजेगा 'सुनहरे सपने, संवरती राहें'

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    Updated: Tue, 30 Sep 2014 01:06 AM (IST)

    राशिद अली, मुजफ्फरनगर मातृ-शिशु मृत्यु दर के साथ उनकी रुग्णता में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग

    राशिद अली, मुजफ्फरनगर

    मातृ-शिशु मृत्यु दर के साथ उनकी रुग्णता में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के राज्यव्यापी अभियान 'हौसला' के तहत आकाशवाणी पर रेडियो धारावाहिक 'सुनहरे सपने, संवरती राहें' का प्रसारण किया जाएगा। आशा गांव-गांव में श्रोता संघों का गठन कर लोगों को कार्यक्रम सुनवाएंगी। सर्वाधिक पत्र भेजने वाले श्रोता संघ की आशाएं पुरस्कृत होंगी।

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    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की सेवाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 'चलो गांव की ओर' प्रचार-प्रसार अभियान की शुरुआत प्रदेशभर में एक अक्टूबर से सभी जनपदों में किया जाएगा।

    श्रोता संघों का गठन

    प्रदेशभर की आशा के संरक्षण में गांव-गांव में श्रोता संघों का निर्माण किया गया है। श्रोता संघों को एक अक्टूबर 2014 से प्रत्येक बुधवार आकाशवाणी के प्राइमरी चैनल पर दोपहर 1.15 से 1.45 बजे तक प्रसारित होने वाले रेडियो धारावाहिक 'सुनहरे सपने, संवरती राहें' की सभी कड़ियां आशा सुनवाएंगी।

    आशा को दिये गए रेडियो

    श्रोता संघ बनाने वाली प्रत्येक जनपद की दो आशाओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक-एक रेडियो सेट बैटरी सहित दिया गया है। इसके अलावा श्रोता संघों के आकस्मिक खर्चो के लिए पांच-पांच सौ रुपये का चेक भी दिया गया है।

    आशा होंगी सम्मानित

    स्वास्थ्य विभाग को जिन श्रोता संघों से सर्वाधिक पत्र प्राप्त होंगे, उनसे संबंधी 20 आशाओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए सभी आशा को श्रोता संघों में कम से कम 25 सदस्य शामिल कर सभी सदस्यों को पत्र लिखने के लिए प्रेरित करना होगा।

    इनामी सवाल का प्रसारण होगा

    धारावाहिक में इनामी सवाल का प्रसारण भी किया जाएगा। सभी उत्तर देने वाले को आकर्षक इनाम भी दिए जाएंगे। सभी आशा को धारावाहिक प्रसारण के दिन व समय की सूचना अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने को कहा गया है।

    ब्लाक पर लोक विधा के कार्यक्रम

    मातृत्व-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की कड़ी के तहत ब्लाक स्तरीय मेलों व हाटों में भी सात अक्टूबर से लोक विधा के कार्यक्रम होंगे।

    इन्होंने कहा.

    एक अक्टूबर से रेडियो पर कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए सिफ्सा के अधिशासी निदेशक अमित कुमार घोष का निर्देश मिल चुका है। उनके निर्देशानुसार जन-जागरूकता को श्रोता संघों का गठन कर रेडियो पर कार्यक्रम सुनवाया जाएगा।

    - डा. ज्ञानेंद्र कुमार, एसीएमओ, मुजफ्फरनगर