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विदेशी पौधे बिगाड़ रहे है पर्यावरण और सेहत

Publish Date:Fri, 17 Mar 2017 01:55 AM (IST) | Updated Date:Fri, 17 Mar 2017 01:55 AM (IST)
विदेशी पौधे बिगाड़ रहे है पर्यावरण और सेहतविदेशी पौधे बिगाड़ रहे है पर्यावरण और सेहत
मेरठ: शहर में तेजी से बढ़ते प्रदूषण और वाहनों के धुएं का गुबार भले ही लोगों को विचलित किए हुए हो, ले

मेरठ: शहर में तेजी से बढ़ते प्रदूषण और वाहनों के धुएं का गुबार भले ही लोगों को विचलित किए हुए हो, लेकिन कुछ ऐसे ही खतरे की जमीन हम भी शहर में तैयार कर रहे हैं। जो पर्यावरण और हमारी सेहत को खतरे की ओर तेजी से धकेल रही है।

घर और बगीचों का सजाने के लिए अब बड़ी संख्या में ऐसे विदेशी पौधों का प्रयोग किया जा रहा है, जो देखने में तो आकर्षित है। लेकिन इन्हें घर और बगीचे में लगाने से जहां यह पौधे आसपास के वातावरण को दूषित करते है, वहीं इनका हमारी सेहत पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इन पौधों में साइकस पॉम, ऐरोकेरिया और चाइना पॉम के अलावा फाइकस जैसे पौधों की अब शहर में भरमार है। जो देखने में तो खूबसूरत लेकिन सेहत के लिए हानिकारक है।

आरजी पीजी कालेज वनस्पति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डा. मीनू गुप्ता का कहना है कि लोग घरों और बगीचों के लिए इन पौधों को बड़ी संख्या में लगा रहे हैं, इनकी खूबसूरती लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। लेकिन यही स्थिति रही तो पर्यावरण में असंतुलन और अधिक बढ़ जाएगा। लोग अपने घर और बगीचों की शोभा बढ़ाने के मोह में इनकी नुकसान को अनदेखा कर रहे हैं, जो उनकी सेहत को बिगाड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि यह पौधे किसी भी भौगोलिक परिवेश में जल्दी ही पनप जाते है और इनकी देखभाल भी अधिक नहीं करनी पड़ती है। इसलिए लोग इन्हें अधिक संख्या में घरों में लगाना पसंद करते हैं। आजकल शहर में डेफिन बेकिया पौधा खूब लगाया जा रहा है। लेकिन लोगों को इस जहरीले पौधे के बारे में जानकारी नहीं है, इसे यदि गलती से खा लिया जाए तो मृत्यु तक हो सकती है। ऐसे ही यूफोरबिया मिली नाम का पौधा आंखों को नुकसान पहुंचाता है।

वहीं मेरठ कालेज वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रो.एनपी सिंह बताते हैं कि पर्यावरण के प्रति ये पौधे लाभदायक नहीं है। अभी नहीं लेकिन कुछ वर्षो बाद इन पौधों से पर्यावरण में असंतुलन दिखाई देने लगेगा, क्योंकि लोग अब इस प्रकार के पौधे अधिक लगाना पसंद करते हैं। साथ ही इन पौधों पर भोजन नहीं होता और इनकी पत्तियां भी चिकनी होती है। इसलिए इन पर पक्षी भी नहीं बैठते है। जबकि देसी पौधों की पत्तियां खुदरी होती है। जिस पर पक्षी आसानी से बैठते है। इससे पर्यावरण में असंतुलन बढ़ेगा और लोगों की सेहत भी बिगड़ेगी।

यह है वह पौधे

-डेफिन बेकिया : यह जहरीला होता है।

-यूफोरबिया मिली : आंखों के लिए हानिकारक है।

-फाइकस बैंजामिना : जमीन को बंजर कर देता है।

-जैट्रोफाकुरकास : यह बायोडीजल प्लांट है।

-पीला कनेर : इसका फल जहरीला होता है।

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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